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बांद्रा में भीड़ जुटाने का आरोपी विनय दुबे भदोही से, राजनीति में नहीं बनी बात तो थामा समाजसेवा का दामन

Thu, 16 Apr 2020 11:00 AM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, भदोही
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विनय दुबे - फोटो : Social Media
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लॉकडाउन की पाबंदियों के बीच मुंबई के बांद्रा में भारी भीड़ एकत्र करने का आरोपी भदोही का विनय दुबे निजी जिंदगी में इंजीनियर बनना चाहता था। इतना ही नहीं, उसने गरीब-मजदूरों के हक-हकूक के लिए सिस्टम से दो-दो हाथ करने की तमन्ना भी मन में पाली थी। राजनीति में भी उसकी भरपूर रुचि थी। लेकिन अब वह सोशल मीडिया पर तथाकथित पोस्ट की वजह से लोगों के निशाने पर है। हालांकि उसके घर वालों का कहना है कि विनय राजनीति का शिकार हो गया है।

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भदोही जिले के औराई क्षेत्र के हरिनारायणपुर गांव निवासी जटाशंकर दुबे के पहले पुत्र विनय में होश संभालते ही कुछ कर गुजरने की हसरत दिखने लगी थी। यही वजह थी कि 22 साल की उम्र में उसने वर्ष 2012 में वाराणसी शहर उत्तरी से विधानसभा का चुनाव अजय राय के सामने एनसीपी के टिकट पर लड़ा था।

सफलता नहीं मिली तो पार्टी छोड़कर महाराष्ट्र में उत्तर भारतीय महापंचायत नाम से स्वयंसेवी संगठन बनाकर समाजसेवा में जुट गया। लेकिन, राजनीति से मोहभंग अब भी नहीं हुआ था। लिहाजा, महज सोशल मीडिया के फैन फॉलोवर्स के बूते पिछले लोकसभा चुनाव में मुंबई के ऐरोली सीट से निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर गया, मगर फिर हार का सामना करना पड़ा।

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इस बीच मुंबई में उत्तर भारतीयों की अगुवाई करने की हसरत को लॉकडाउन में मुफीद मौका मिल गया और वह सोशल नेटवर्किंग साइट्स फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप आदि के जरिए लंबे-चौड़े पोस्ट कर मुंबई में उत्तर भारतीयों की नुमाइंदगी करने की राह पर चल पड़ा। इस बीच उसके एक पोस्ट ने सोशल मीडिया पर खलबली मचा कर रख दी। आरोप है कि उसकी पोस्ट के कारण ही बड़ी तादाद में उत्तर भारतीय लोग बांद्रा में एकत्र हुए और लॉकडाउन तार-तार हो गया।
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