फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बांद्रा में भीड़ जुटाने वाला भदोही का विनय दुबे गिरफ्तार, जानें आरोपी का यूपी कनेक्शन

Thu, 16 Apr 2020 10:58 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
बांद्रा के पास जुटी बीड़ और विनय दुबे (डिजाइन फोटो)। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

लॉकडाउन में मुंबई के बांद्रा में भीड़ जुटाने का आरोपी भदोही का विनय दुबे है। मुंबई पुलिस ने उसे एरोली क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार विनय ‘चलो घर की ओर’ कैंपेन चला रहा था। उसने अपने फेसबुक एकाउंट पर शेयर किए गए पोस्ट में इस बात का जिक्र किया है। अपने एक पोस्ट में उसने 18 अप्रैल तक ट्रेनें न शुरू होने पर देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी तक दी थी। इस मामले में पुलिस ने करीब एक हजार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

विज्ञापन


भदोही जिले के औराई क्षेत्र के हरिनारायणपुर गांव निवासी विनय दुबे के पिता जटाशंकर मुंबई में ऑटो ड्राइवर हैं। गांव में विनय का पैतृक मकान है, जिसमें उसके बड़े पिता रविशंकर दुबे पत्नी के साथ रहते हैं। विनय का परिवार कभी कभार ही गांव आता है। चार भाइयों में सबसे बड़ा विनय पहले इंजीनियर बनना चाहता था लेकिन बीई के प्रथम वर्ष में ही फेल गया। इसके बाद पढ़ाई छोड़कर समाजसेवा से जुड़ गया।

विनय दुबे ने एनसीपी के टिकट पर वर्ष 2012 में वाराणसी शहर उत्तरी से विधानसभा का चुनाव लड़ा था। सफलता नहीं मिली तो पार्टी छोड़कर महाराष्ट्र में उत्तर भारतीय महापंचायत नाम से स्वयंसेवी संगठन बना लिया। सोशल मीडिया के फैन फॉलोवर्स के बूते पिछले लोकसभा चुनाव में मुंबई के कल्याण सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा, मगर फिर हार का सामना करना पड़ा।

विज्ञापन
विज्ञापन

इस बीच मुंबई में उत्तर भारतीयों की अगुवाई करने की हसरत को लॉकडाउन में मुफीद मौका मिल गया और वह सोशल नेटवर्किंग साइट्स फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप आदि के जरिए लंबे-चौड़े पोस्ट कर मुंबई में उत्तर भारतीयों की नुमाइंदगी करने की राह पर चल पड़ा।

भाई बोला, राजनीति का शिकार हो गया विनय
विनय के छोटे भाई निर्भय ने अमर उजाला को फोन पर बताया कि उनका भाई राजनीति का शिकार हो गया है। उन्होंने जो पोस्ट की थी, उसमें 18 अप्रैल को पैदल निकलने की बात कही थी, जबकि यह भीड़ 15 को ही एकत्र हो गई। इससे उनका कोई लेना-देना नहीं है। बाद की पोस्ट को भी अगर देखा जाए तो वह पोस्ट शाम के चार बजे की गई है, जबकि बांद्रा में भीड़ सुबह 10 बजे से ही लगनी शुरू हो गई थी। उनके साथ राजनीति हो रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें