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भदोही स्कूल वैन हादसे में एक और बच्चे की मौत के बाद, आक्रोशित हुए ग्रामीण

Sat, 19 Jan 2019 12:08 PM IST
utpal utpal न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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बीच सड़क पर नारेबाजी करते ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
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यूपी के भदोही में पिछले शनिवार को स्कूली वैन में आग लगने से झुलसे बच्चों में एक और बच्चे की मौत शुक्रवार को हो गई। घटना में गुरुवार को बच्ची दिशा यादव की मौत हुई थी।  बच्चे की मौत के बाद उसके गांव के लोग आक्रोशित हो उठे।  शुक्रवार सुबह भगवास गांव के लोग आक्रोशित हो उठे और सड़क को जाम कर दिया। जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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झुलसे अन्य बच्चों के बेहतर इलाज के साथ आर्थिक मदद बढ़ाने की मांग की।  घटना में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कारवाई की मांग की। भदोही के लखनो गांव में 12  जनवरी को सुबह स्कूली वैन में गैस सिलेंडर लीक होने से लगी आग में 19 बच्चे झुलस गए थे। इसमें पहले दिन चार बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया था, इसमें दिशा यादव और आयुष भी था। 

दिशा की मौत गुरुवार  को जबकि आयुष की मौत शुक्रवार को हो गई। अभी सात बच्चों का आईसीयू में जबकि 10 का जनरल सर्जरी वार्ड में इलाज चल रहा है। सात बच्चों में से कुछ की हालत ज्यादा खराब होने की खबर है। बच्चों की चिंता और गम लिए भगवास गांव के निवासी शुक्रवार को सड़क पर उतर गए। मौक पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद जाम समाप्त हुआ। 
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कभी न भूलने वाला दर्द दे गया स्कूल वैन हादसा

लखनो स्कूल वैन हादसा भगवास गांव को कभी न भूलने वाला दर्द दे गया। 12 फरवरी को लखनो गांव में आग का गोला बनी मारुति वैन में इस गांव के चार घरों के छह बच्चे झुलस गए। इनमें से तीन बच्चे आईसीयू में जिंदगी की जंग लड़ रहे थे, जिनमें से एक बच्ची दिशा यह लड़ाई हार गई। यह खबर पहुंचते ही पहले से मातम में डूबे गांव में मानो वज्रपात हो गया। कई घरों में चूल्हे नहीं जले।

लखनो वैन हादसे में झुलसे 19 बच्चों में से बृहस्पतिवार को एक और बच्ची आस्था को भी ट्रामा सेंटर के आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया। इससे आईसीयू में बच्चों की संख्या फिर आठ हो गई है। जबकि जुड़वां भाई-बहन आयुष और माही पहले से ही आईसीयू में हैं। लखनो स्कूली वैन हादसे में जिंदगी की जंग लड़ रही पांच साल की दिशा ने दुनिया को अलविदा कह दिया।

इसके बाद उसके घर समेत समूचे गांव में मातम पसर गया। गांव में पसरा सन्नाटा इस घटना के दर्द को बयां करने के लिए काफी था। दोपहर दो बजे गांव में पहुंची अमर उजाला की टीम को बच्ची की मौत की खबर सुनने के बाद उसके घर सांत्वना देने वालों का तांता लगा दिखा, लेकिन घर पर सिवा सन्नाटे के और कुछ नहीं था।
 
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हादसे को याद कर सिहर जाते हैं ग्रामीण

लखनो स्कूल वैन हादसे के बाद भगवास और शिवरामपुर गांवों में आधी से ज्यादा आबादी गम में डूबी है। जो घर बच्चों की चहल पहल से हमेशा गुलजार रहता था, उसमें छाए सन्नाटे से गांव वाले स्तब्ध हैं। भगवास गांव में दिनेश यादव का बेटा ओम (6), अवधेश कुमार यादव का बेटा श्रेयांश (9) और सुरेंद्र यादव की बेटी माही (6) बेटा आयुष (6) शामिल हैं।

बृहस्पतिवार को दोपहर में चारों के घर पर सन्नाटा छाया हुआ था। वहां मौजूद गांव के लोग दिशा की मौत व्यवस्था को कोसते रहे। गांव के लालमनि यादव, जगतनाथ यादव, शिवपूजन यादव, छविनाथ यादव और मुकेश कुमार यादव ने कहा अब तो मारुति वैन से बच्चों को स्कूल भेजने से घृणा होने लगी है। हादसे को यादकर आज भी  रूह कांप जाती है।

हादसे का दर्द बयां करते कई ग्रामीणों की आंखें भर आईं। कहा जिन मासूमों को मां बाप की गोद में खेलना चहिए था, आज वह अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। बताया कि वैन हादसे में गांव के चार घर से छह बच्चे गंभीर रूप से झुुलस गए थे। वहीं दीक्षा की मौत ने पूरे गांव को गम में डूबा दिया है।

अब गांव वाले एक की बात कह रहे हैं कि बच्चों के घर की खुशियां छीनने वाले आरोपी किसी कीमत पर बख्शे नहीं जाने चाहिए। ताकि भविष्य में किसी के घर की खुशियां न छिने। इस दौरान कुछ लोगों ने कहा अगर जिला प्रशासन यह सख्ती पहले की दिखाई होती तो आज मौत और मायूसी का यह गम न देखना पड़ता।
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