फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विहंगम योग: सात समंदर पार जला रहे अध्यात्म की लौ, पढ़ा रहे शांति का पाठ; कई देशों में लगती है पाठशाला

Tue, 19 Dec 2023 02:00 PM IST
प्रगति चंद माई सिटी रिपोर्टर/रबीश श्रीवास्तव, वाराणसी

सार

उमरहां में स्वर्वेद मंदिर का उद्घाटन समारोह कई मायने में खास रहा। यहां यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, जम्मू ही नहीं यूरोप, बेल्जियम, यूएसए, कनाडा समेत कई देशों से आए लोग शताब्दी वर्ष समारोह के गवाह बने।
विज्ञापन
यूरोप, बेल्जियम, यूएसए समेत कई देशों में लगती है विहंगम योग पाठशाला - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

विहंगम योग के प्रणेता सदाफल महाराज ने वर्षों पूर्व विहंगम योग और शांति का प्रचार-प्रसार करने का जो बीड़ा उठाया था, वह आज फलीभूत हो रहा है। केवल देश ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों में उनके विचारों को आगे बढ़ाने में उनके अनुयायी पूरी तन्मयता से लगे हैं। सात समंदर पार आध्यात्म की लौ जगाने के साथ ही यहां हर दिन विहंगम योग की पाठशाला भी लग रही है। उमरहां में स्वर्वेद मंदिर का उद्घाटन समारोह कई मायने में खास रहा। यहां यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, जम्मू ही नहीं यूरोप, बेल्जियम, यूएसए, कनाडा समेत कई देशों से आए लोग शताब्दी वर्ष समारोह के गवाह बने।
विज्ञापन


सात साल की उम्र से विहंगम योग से जुड़ने का मिला मौका
बहुत दिनों से शताब्दी वर्ष समारोह में आने की तैयारी चल रही थी। सात साल की अवस्था से ही विहंगम योग से जुड़ने के बाद अब एक प्रशिक्षक के तौर पर लोगों को ट्रेनिंग दे रही हूं। यह सौभाग्य है कि शताब्दी वर्ष समारोह में यूएसए की टीम के साथ यहां आने का मौका मिला। शामिल होने का मौका मिला। -रश्मि क्योरी, यूएसए

मन में कभी नहीं आता नकारात्मक सोच
अपने 13 साल की उम्र से विहंगम योग से जुड़ा। इसके सिद्धांत और स्वर्वेद के महत्व के बारे में सभी को बता रहा हूं। इस तरह के कार्यक्रमों में भागीदारी से खुद के व्यक्तित्व में निखार आया है। साधना करने से मन में किसी तरह की कोई नकारात्मक सोच कभी नहीं आती। -मनीष गुप्ता, बेल्जियम
विज्ञापन


विहंगम योग से जुड़ने से होती है सुखद अनुभूति
दुनिया में हर चीज का समय निर्धारित है। आध्यात्म का प्रचार प्रसार करने के लिए विहंगम योग से जुड़ने के बाद जो सुखद अनुभूति होती है, उसकी कल्पना नहीं की जा सकती है। -राहुल कुमार, यूएसए

मजबूत हुई इच्छाशक्ति, बढ़ा आत्मविश्वास
एक बार स्वामी जी फ्रांस आए थे। जब उनसे विहंगम योग का संदेश देने की जानकारी मिली थी। विहंगम योग से जुड़ने के बाद दृढ़ इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास भी बढ़ा है। अपने देश में इसका महत्व लोगों को बता रही हूं। -बियाट्रिक डेविड, फ्रांस
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें