निदेशक प्रो. प्रमोद कुमार जैन ने बताया कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की विभिन्न शाखाओं, अंतरिक्ष, रक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, खगोल विज्ञान इत्यादि में समस्याओं के समाधान खोजने में मदद मिलेगी। साथ ही विज्ञान प्रौद्योगिकी को बुनियादी जड़ों से जोड़ने में तथा जीवन को आसान बनाने में उन्नत तकनीकों से अवगत कराएगा।
यह कार्यक्रम हमें यह समझाने में मदद करेगा कि विज्ञान ने कैसे प्राचीन भारत को आधुनिक भारत में बदल दिया है। इसमें आईआईटी बीएचयू के साथ ही स्कूल और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों, शिक्षकों, विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों के शिक्षाविद शामिल होंगे।