गंगा में आई बाढ़ के चलते गोमती, वरुणा और नाद नदी भी उफान पर हैं। कई दर्जन गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। हजारों एकड़ फसलें डूब गई हैं तो सड़कों पर पानी भर जाने से गांवों का आपसी संपर्क भी टूट गया है। कस्बों और शहर से भी कई गांव कट गए हैं। गृहस्थी की रोजमर्रा के सामान तक के लिए लोग तरस रहे हैं। इन गांवों में बिजली और पेयजल का संकट भी उत्पन्न हो गया है। कब नदियों का जलस्तर बढ़ जाए, इस दहशत में गांवों में लोग रतजगा कर रहे हैं।
गंगा में उफान के कारण रमचंदीपुर, गोबरहां, रामपुर, टुड़ीपर और मोकलपुर आदि गांव टापू बने हुए हैं। इन गांवों की बिजली तो बारिश का मौसम शुरू होते ही काट दी गई थी। अब बाढ़ से दहशतजदा ग्रामीण जागकर रातें काट रहे हैं। बर्थरा खुर्द, अजांव, मठिया, हरिहरपुर, धौरहरा, लक्ष्मीसेनपुर, टेकुरी, भगवानपुर, कुर्सिया आदि गांवों में बाढ़ से जनजीवन ठप हो गया है। सरसौल, लूठां, बर्थरा कलां, मुरीदपुर, परनापुर, गौरा उपवार, रामपुर, चंद्रावती, ढकवां और कैथी में भी फसलें जलमग्न होने से किसानों की नींद उड़ गई है। मौनीबाबा आश्रम, मुरीदपुर और चंद्रावती में तेज कटान को देखते हुए ग्रामीण भयभीत हैं।