सर्जरी के बाद मरीज स्वस्थ है। डॉक्टरों का दावा है कि यूपी में इस तरह की सर्जरी पहली बार हुई है। मरीज मायस्थेनिया ग्रेविस (एमजी) से ग्रसित था। यह एक दुर्लभ ऑटोइम्यून रोग है, जो मानव शरीर की मांसपेशियों की कमजोरी के साथ होती है। इससे प्रभावित व्यक्ति की आंख की पलकें झुक जाती हैं। दृष्टि धुंधली हो जाती है।
आईएमएस बीएचयू के सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग में वीडियो असिस्टेड थोरेसिक सर्जरी (वीएटीएस) तकनीक से एक मरीज की सफल सर्जरी की गई। वह मायस्थेनिया ग्रेविस (एमजी) से ग्रसित था। सर्जरी के बाद मरीज स्वस्थ है। डॉक्टरों का दावा है कि यूपी में इस तरह की सर्जरी पहली बार हुई है।
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डॉक्टरों के अनुसार, यह एक दुर्लभ ऑटोइम्यून रोग है, जो मानव शरीर की मांसपेशियों की कमजोरी के साथ होती है। इससे प्रभावित व्यक्ति की आंख की पलकें झुक जाती हैं। दृष्टि धुंधली हो जाती है। चलने में कठिनाई होती है। व्यक्ति सांस लेने में भी असमर्थ हो जाता है।
सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग के डॉ. तरुण कुमार के साथ ही एनेस्थीसिया से डॉ. निमिषा वर्मा सहित अन्य लोगों के सहयोग से यह सर्जरी हुई है। इसके पहले मरीज का इलाज न्यूरोलॉजी विभाग के डॉ. अभिषेक पाठक के देखरेख में चल रहा था।