Chandauli News : चंदाैली के चकिया विकासखंड में किसानों को खाद को लेकर काफी समस्याएं झेलनी पड़ रही हैं। किसान खेतों में बोआई कर रहे हैं तो महिलाएं खाद के लिए समितियों पर लाइन लगा रही हैं। काफी समय के बाद आधार कार्ड से अंगूठा लगवा कर एक से दो बोरी उर्वरक प्रति किसान उपलब्ध कराई जा रही है।
गेहूं की बोआई के लिए आवश्यक डीएपी की किल्लत से किसान एक पखवाड़े से जूझ रहे हैं। इससे हर सरकारी समितियों पर खाद के लिए किसानों में धक्का-मुक्की हो रहा है। हालत यह है कि समितियों पर जल्दी और पर्याप्त डीएपी लेने के लिए महिला किसान भी लाइन लगा रहीं हैं।
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चकिया विकासखंड में किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए किसान सेवा सहकारी समिति चकिया, किसान सेवा सहकारी समिति सिकंदरपुर ,किसान सेवा सहकारी समिति उतरौत, किसान सेवा सहकारी समिति शिकारगंज, साधन सहकारी समिति रामपुर कला के अतिरिक्त क्रय विक्रय सहकारी समिति पूर्वी बाजार चकिया में विक्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। जहां किसानों को आधार कार्ड से अंगूठा लगवा कर एक से दो बोरी उर्वरक प्रति किसान उपलब्ध कराई जा रही है।
डीएपी उर्वरक की कीमत के दौर में स्थानीय प्रशासन भी खाद के वितरण के लिए कोई ठोस उपाय नहीं कर रहा है। जिससे समितियों पर धक्का मुक्की का दौर जारी है। विकासखंड के सहायक विकास अधिकारी सहकारिता शरद कुमार सिंह का कहना है की समितियों पर किसानों की मांग के अनुसार डीएपी और यूरिया उपलब्ध कराई गई है। उर्वरक की खेप आ रही है और सभी किसानों को डीएपी और यूरिया उपलब्ध कराने के लिए विभाग प्रतिबद्ध है।