बुजुर्ग रामजनम के साथ साये की तरह रहने वाली उनकी पोती स्टाफ नर्स सरिता, चंद्रबाला, कविता ने भी उनकी देखभाल की। नतीजा ये हुआ कि आठ दिन के इलाज के बाद वे पूरी तरह स्वस्थ हो गए और उनका ऑक्सीजन लेवल सामान्य हो गया। बुधवार को अस्पताल के समस्त स्टाफ ने उन्हें सम्मानित कर घर भेजा।
कोविड अस्पताल के बाहर उनको जब माला पहना कर हर हर महादेव का उद्घोष किया तो रामजनम ही नहीं उनके परिवार के लोगों की आंखों से आंसू निकल पड़े। पोती ने सबका आभार जताते हुए बस यही कहा कि लोगों को निजी अस्पतालों से दूर ही रहना श्रेयस्कर होगा।
कहा कि उसके दादा को यहां मिले इलाज से ज्यादा चिकित्सकों और सहयोगी स्टाफ से मिले अपनेपन से कोरोना को मात देने में सफल हुए। इस दौरान अस्पताल के सीएमएस डॉ एके उपाध्याय, डॉ संजय शर्मा, डॉ एन के यादव, सहित अन्य पैरा मेडिकल स्टाफ मौजूद थे।