मिर्जापुर में हुआ जन्म, काशी रही कर्मस्थली
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व प्रतिकुलपति रहे पं. शिवजी उपाध्याय साहित्य के प्रकांड विद्वान थे। तीन मार्च 1943 में पं. उपाध्याय का जन्म मिर्जापुर के पंडितपुर में हुआ था। प्राच्य विद्या के क्षेत्र में अग्रणी आचार्य उपाध्याय साहित्य में स्वर्णपदक प्राप्त वेदांत, सांख्य, मीमांसा, न्याय, पुराण, तंत्र और आगम आदि विषयों के प्रकांड विद्वान थे। उन्हें संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, पाली एवं प्राकृत भाषा पर समान अधिकार प्राप्त था। उन्होंने अध्ययन के उपरांत आठ अगस्त 1971 से जून 2003 तक संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में प्राध्यापक, उपाचार्य एवं आचार्य का पद सुशोभित किया।
महाकाव्य और ग्रंथ
पं. शिवजी उपाध्याय अशुकवि के रूप में संपूर्ण देश में ख्याति प्राप्त थे। उन्होंने श्रीविन्धेय्श्वरीसत्व:, सर्वदर्शन विमर्श:शतकत्रयम, सत्परामश, योतक, राष्ट्रगौरवम आदि दर्जनों काव्य, महाकाव्य, नाटक, सूक्तिपदों का ग्रंथ लिखा था।