संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में चल रहा शिक्षकों का धरना तीसरे दिन कुलपति के आश्वासन पर शनिवार को समाप्त हो गया। इसके साथ ही शिक्षक वापस मूल्यांकन कार्य पर लौट आए। कुलपति ने शिक्षकों की सभी मांग स्वीकार करते हुए पुराने सभी आदेश को वापस ले लिया। कुलपति ने सभी को आश्वस्त किया कि पूर्व के मूल्यांकन व परीक्षा मद के भुगतान के लिए वित्त विभाग से शासन को पत्र भेजा जाएगा।
शिक्षकों ने भी कुलपति को समय से मूल्यांकन कार्य पूर्ण करने का आश्वासन दिया है। शनिवार को पाणिनी भवन सभागार में संस्कृत शिक्षकों का धरना सुबह से आरंभ हुआ। शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने संस्कृत विद्यालय शिक्षक समिति के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. गणेश दत्त शास्त्री के नेतृत्व में कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी से मुलाकात की। प्रतिनिधि मंडल ने परीक्षकों की समस्याओं से कुलपति को अवगत कराया।
कुलपति ने सभी को आश्वस्त किया कि मूल्यांकन व परीक्षा मद के भुगतान के लिए वित्त विभाग से शासन को लिखा जा रहा है। वर्तमान सत्र के मूल्यांकन मद का भुगतान शासन से जारी मद से पेमेंट किया जाएगा। साथ ही कुलपति ने दो दिन पूर्व जिन परीक्षकों को मूल्यांकन कार्य से मुक्त किया था उन्हें वापस बुला लिया। धरना स्थल पर डॉ. गिरिजेश शुक्ल, डॉ. बृज बिहारी द्विवेदी, डॉ. आमोद दत्त शास्त्री, डॉ. अशोक पांडेय, डॉ. जनकनंदिनी शरण, डॉ. उमेश चंद्र, डॉ. प्रशांत मौर्य, डॉ. उमाकांत त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।