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वीडीए की लापरवाही: बनारस से लगे सभी हाईवे के किनारे अवैध कॉलोनियों का बिछा जाल

Tue, 18 Jul 2017 05:24 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
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बनारस-जौनपुर, गोरखपुर-आजमगढ़ हाईवे पर दर्जनों कॉलोनियां आबाद - फोटो : अमर उजाला
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खरीदारों को झांसा देकर डेवलपर्स करोड़ों कमाते रहे। जहां भी जैसे भी जमीन मिली, प्लाटिंग कर दी लेकिन वीडीए सहित अन्य जिम्मेदार संस्थाओं के नौकरशाह सोते रहे। आपको जानकर हैरत होगी कि वीडीए के बिना किसी एप्रूवल के प्लाटिंग का खेल बाबतपुर, चौबेपुर और चोलापुर तक फैल चुका है।
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डेवलपर्स एनएच-टू के साथ-साथ शहर से लगे सभी हाईवे के किनारे अवैध कॉलोनियों का जाल बिछाने में जुटे हैं।  लंबे अरसे से चल रहे जमीन की प्लाटिंग के खेल ने न सिर्फ अवैध कॉलोनियों की भरमार कर दी है बल्कि बुनियादी सुविधाओं का ढांचा चरमराने की भी ये बड़ी वजह है।

सिर्फ मोहन सराय से अलीनगर (राष्ट्रीय राजमार्ग-दो) पर ही अवैध कॉलोनियों का जाल नहीं बिछा बल्कि वाराणसी से लखनऊ-जौनपुर, गोरखपुर और आजमगढ़ हाईवे पर भी दर्जनों कॉलोनियां आबाद कर दी गई हैं। प्लाटिंग का काम धड़ल्ले से चल रहा है।
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सबसे ज्यादा प्रभावित वाराणसी से लखनऊ वाया जौनपुर (एनएच-56) मार्ग है। डेवलपर्स किसानों से सस्ते रेट में जमीन खरीदकर कई गुना अधिक कीमतों पर मनमानी प्लाटिंग कर रहे हैं।

बाबतपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और बनारस से सीधे लखनऊ जाने का सड़क मार्ग होने के नाते यहां प्लाट की मांग भी अधिक है। वाराणसी से गोरखपुर वाया गाजीपुर (एनएच - 29) पर भी यही हाल है।

गाजीपुर मार्ग पर पिछले पांच साल में पहड़िया मंडी से लेकर चौबेपुर तक मल्टीस्टोरी बिल्डिंगों की बाढ़ आ गई है। सारनाथ के बरईपुर, सारनाथ रेलवे स्टेशन के पास, संदहा, उमरहा तक अवैध कॉलोनियों का कारोबार बढ़ता जा रहा है। वाराणसी से आजमगढ़ (एनएच-233) मार्ग पर कई डेवलपर्स पांव जमा चुके हैं।

दूसरी ओर वीडीए द्वारा जो कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं, वहां सीवर-पेयजल और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं का कहीं अता-पता नहीं है। वरुणापार में सीवर लाइन नहीं बिछाई जा सकी है।
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डेवलपर्स की जांच के लिए बनाई टीम

वीडीए की लापरवाही से जहां भी, जैसे भी जमीन मिली प्लाटिंग कर दी - फोटो : अमर उजाला
 मोहनसराय से अलीनगर तक हाईवे-2 पर मनमानी प्लाटिंग कर अवैध कॉलोनियों का जाल बिछाने वाले डेवलपर्स पर वीडीए का शिकंजा और कस गया है। वीडीए के उपाध्यक्ष पुलकित खरे ने इनकी जांच के लिए वीडीए के 15 अवर अभियंताआें की टीम गठित कर दी है।

जांच के लिए दो सप्ताह का समय देते हुए ताकीद की है कि डेवलपर्स के पूरे दस्तावेज की पड़ताल करें और उसकी विस्तृत रिपोर्ट दें। 14 बड़े डेवलपर्स के खिलाफ वीडीए वीसी की कार्रवाई से रियल इस्टेट सेक्टर में हड़कंप मचा हुआ है।

हाईवे पर कहां-कहां अवैध ढंग से प्लाटिंग कराई जा रही है, कैसे बिना अनुमति के नई कॉलोनी बसाई जा रही थी, इसकी पूरी रिपोर्ट तैयार कर इसे शासन को भी भेजा जाएगा। रिपोर्ट तैयार होने के बाद वीडीए की ओर से इसका स्थलीय सत्यापन होगा।

इस दौरान यदि कोई डेवलपर्स या कालोनी, प्लाट के बारे में कोई जानकारी गलत पाई जाएगी या छिपाई गई होगी तो इसके लिए सीधे संबंधित अवर अभियंता को जिम्मेदार माना जाएगा और उसके विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाएगी। वीडीए वीसी ने कहा कि शहर तो पहले से संकरा है।

अब बाहरी इलाके  में भी अनियोजित विकास से और मुश्किलें खड़ी हुई हैं। नियम-कायदों की अनदेखी करने वाले किसी भी डेवलपर्स को बख्शा नहीं जाएगा। 
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