काशी का विस्तार चौड़ाई के साथ लंबाई में भी होगा
महायोजना 2031 से काशी का विस्तार होगा। यह विस्तार न केवल चौड़ाई बल्कि लंबाई में भी होगा। अब यहां और भी ऊंची-ऊंची इमारतें बनेंगी। शहर का फैलाव और बाहर तक होगा। इससे यहां के लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार होगा। शहर में केवल नौ पुरातात्विक स्थल हैं। जहां पर कोई भी निर्माण कार्य कराने के लिए एएसआई (आर्कियोलाॅजिकल सर्वे आफ इंडिया) से अनुमति लेनी होगी।
वीडीए के दायरे से बाहर विशिष्ट क्षेत्र के मोहल्ले
लाहौरी टोला, धर्मकूप, मीरघाट, त्रिपुरा भैरवी, रानी भवानी गली, शकरकंद गली, कालिका गली, साक्षी विनायक, कोतवालपुरा, पठानी टोला, मणिकर्णिका, ब्रह्मनाल, पांच पांडवां, ज्ञानवापी।
संशोधित महायोजना के प्रमुख बिंदु
- सारनाथ में 300 हेक्टेयर क्षेत्र को हेरिटेज जोन फ्री किया गया है।
- सरकारी भवनों के आसपास 17.5 मीटर तक ऊंचाई का भवन बन सकेगा।
- नए हाईवे फैसिलिटी जोन का प्रावधान किया गया है। इससे हाइवे किनारे एजूकेशन, हॉस्पिटल, बड़े अन्य संस्थान आएंगे।
मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने बताया कि श्री काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद का हिस्सा बने मोहल्लों के संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। वहां से अभी एप्रूवल नहीं मिला है। जब तक एप्रूवल नहीं मिलेगा तब तक वहां वीडीए ही कार्य देखेगा। चुनाव आचार संहिता के चलते अभी कोई नया काम नहीं होगा। भविष्य में जरूरत के अनुसार यहां तीर्थयात्रियों और भक्तों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर विकास कार्य कराए जाएंगे।
क्या कहते हैं अधिकारी
महायोजना में शहर का विस्तार किया गया है। इसमें सभी क्षेत्रों को शामिल किया गया है। अति विशिष्ट क्षेत्र में होने वाले कार्य का दायित्व काशी विश्वनाथ अति विशिष्ट क्षेत्र विकास को है। - प्रभात कुमार, नगर नियोजक