वीडीए के जोनल अधिकारी प्रकाश कुमार की तहरीर पर दर्ज मुकदमे के मुताबिक विनायक निर्माण प्राइवेट लिमिटेड ने सेंट्रल जेल रोड स्थित वरुणा गार्डेन परियोजना का पूर्णता प्रमाण पत्र वीडीए के संयुक्त सचिव की तरफ से जारी होना बताया गया था, जो ठीक नहीं है। वीडीए के पास इस परियोजना के पूर्णता प्रमाण पत्र जैसी कोई पत्रावली नहीं है। यही रिपोर्ट आयकर विभाग की लखनऊ इकाई को भेजी गई है। इस संबंध में इंस्पेक्टर कैंट दुर्गेश कुमार मिश्रा ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वीडीए के जोनल अधिकारी के अनुसार, वरुणा गार्डेन परियोजना का कूटरचित पूर्णता प्रमाण पत्र दिखाकर विनायक निर्माण प्राइवेट लिमिटेड ने आयकर अधिनियम का लाभ लिया है। इससे केंद्र सरकार को भारी राजस्व की क्षति होना प्रतीत होता है। वीडीए के कूटरचित दस्तावेजों का प्रयोग करके केंद्र और राज्य सरकार को राजस्व की क्षति पहुंचाई गई है। यह आपराधिक कृत्य है।
आयकर विभाग के छापे के बाद जो फर्जीवाड़ा खुलकर सामने आया, उसे वीडीए के जिम्मेदार नहीं पकड़ सके। इससे वीडीए के जाेन स्तरीय अधिकारी और कर्मचारियों की भूमिका सवालों के घेरे में आ गई है। कहा जा रहा है कि शिवपुर इलाके की सबसे प्रमुख परियोजना वरुणा गार्डेन है। बिना पूर्णता प्रमाण पत्र के ही बहुमंजिली इमारतें खड़ी कर दी गईं।