फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वीडीए की जमीन के फर्जीवाड़े में एक और मुकदमा

विज्ञापन
विज्ञापन
वाराणसी। पांडेयपुर स्थित वीडीए की करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन हड़पने को लेकर एक से बढ़कर एक फर्जीवाड़े सामने आ रहे हैं। इस चर्चित मामले में शनिवार को कैंट थाने में एक और मुकदमा दर्ज किया गया। वीडीए के अमीन का आरोप है कि जमीन हड़पने की नीयत से चार लोगों ने दो फर्जी लीज डीड (पट्टा विलेख) तैयार कराए थे। कैंट पुलिस एफआईआर दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है।
विज्ञापन

अमीन विवेक पाठक की तहरीर के अनुसार, 07 जून 2017 को पांडेयपुर स्थित गार्डेन हाउस निवासी राय पुष्पलता (5 सितंबर 2019 को मौत हो चुकी है) ने धूपचंडी के संतोष कुमार, सदर बाजार के अकील अहमद और चंदौली के संजय नगर के भूपेंद्र प्रताप सिंह के नाम दो अलग-अलग पट्टा विलेख पंजीकृत कराए थे। अमीन का आरोप है कि दोनों पट्टा विलेख सरकारी जमीन हड़पने की नीयत से तैयार कराए गए थे। मामला आपराधिक प्रकृति का है, इसलिए पुलिस आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करे। इस संबंध में कैंट थाने के प्रभारी थानाध्यक्ष नागेश सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर चारों के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचना सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पांडेयपुर में वीडीए की 42,349.93 वर्ग मीटर जमीन है जो ‘राय साहब का बगीचा’ के नाम से चर्चित है। खसरा-खतौनी के अनुसार यह जमीन सरकारी है और 1998 से इस पर वीडीए का कब्जा है। इसके बावजूद बीती 13 सितंबर को वाराणसी और मुंबई की दो कंस्ट्रक्शन कंपनियों ने इस जमीन में से साढ़े चार एकड़ हिस्से का सट्टा इकरारनामा कराया। अमर उजाला ने इस फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया तो 26 सितंबर को एमएलसी बृजेश सिंह के बेटे सिद्धार्थ सिंह सहित सात के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य आरोपों में कैंट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। अमर उजाला ने शनिवार के अंक में पांडेयपुर की सरकारी जमीन का पट्टा विलेख तैयार कराने संबंधी प्रकरण उजागर किया तो वीडीए उपाध्यक्ष ने अमीन को एक और मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें