वास्को डि गामा एक्सप्रेस ट्रेन के दुर्घटना की भयावहता हर यात्रियों के आंखों में दिखी। यात्रियों को लेकर स्पेशल ट्रेन मुगलसराय पहुंची तो यहां उतरने वाले यात्री ट्रेन से ऐसे उतर कर भागे जैसे मानो कोई उन्हें मारने वाला हो।
ट्रेन के एस-5 में मडगांव से आरा जा रहे मिथलेश बताते हैं कि ट्रेन अपनी गति में थी कि अचानक मानो भूचाल आ गया। यात्री एक दूसरे पर कर गिरने लगे। मै ऊपरी बर्थ पर था और नीचे वाला यात्री सीट के नीचे फंस गया था। ट्रेन में अंधेरा हो गया।
अफरा तफरी मच गई बात हादसे की जानकारी हुई। बच कर निकल गया तो लगा कि दूसरी जिंदगी मिल गई। जनरल बोगी में सवार होकर रत्नागिरी से बक्सर की यात्रा कर रहे गोलू ने बताया कि कोच से किसी तरह निकला और बाहर का नजारा देखा तो रूह कांप गई।
बोगियां ताश के पत्तों की तरह बिखरी थी। हर कोई बदहवास था। इस दुर्घटना में बच जाना दूसरी जिंदगी मिलने के समान है। नासिक से पटना जा रहे एक्स्ट्रा कोच संख्या एक में सवार अशोक ने बताया कि भोर में सवा चार बजे दुर्घटना के बाद बहुत देर तक तो समझ में ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या।
चारो तरफ चीख पुकार मची थी। सभी अपने साथी को इधर उधर तलाशते नजर आए। हालांकि कुछ देर बाद ही रेल प्रशासन के अधिकारी पहुंच गए और राहत शुरू हो गया। इससे यात्री शांत हुए।
वास्को डि गामा से बनारस की यात्रा कोच संख्या एस-11 में कर रहे पंकज ने बताया कि एक दो बार टीवी में इस तरह की घटना देखा था लेकिन पहली बार मेरे साथ दुर्घटना हुई तो समझ में आया कि इसका दर्द कैसा होता है।
रेलवे की तत्परता से संतुष्ट दिखे यात्री
यात्रियों को विभिन्न स्टेशनों पर लंच पैकेट, पानी आदि उपलब्ध कराए गये
- फोटो : अमर उजाला
वास्को डि गामा से पटना जा रही डाउन 12741 वास्को डि गामा एक्सप्रेस के शुक्रवार की भोर में करीब सवा चार बजे मानिकपुर में दुर्घटना ग्रस्त होने के बाद उसके यात्रियों को स्पेशल ट्रेन से गंतव्य तक पहुंचाया गया। इस दौरान यात्रियों को विभिन्न स्टेशनों पर लंच पैकेट, पानी आदि उपलब्ध कराए गये। सुरक्षित पहुंचे यात्रियों ने राहत की सांस ली।
भोर में सवा चार बजे मानिकपुर रेलवे स्टेशन के समीप ट्रेन के 13 डिब्बे पटरी से उतर गए। इस घटना में तीन यात्रियों की मौत हो गई जबकि 13 यात्री जख्मी हो गए। इस घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराने के बाद शेष यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए स्पेशल ट्रेन का संचालन किया।
हजरत निजामुद्दीन मानिकपुर संपर्क क्रांति को स्पेशल ट्रेन बनाकर संचालित किया गया। वास्को डि गामा एक्सप्रेस के बी-2 कोच में मुगलसराय के एलपी कपूर, अनिल कुमार, सुभाष यादव, पूनम यादव, साक्षी, रामावती देवी, एके सिंह, बी-1 कोच में प्रीति गुप्ता, प्रदीप कुमार, राघवेन्द्र सिंह, एस-9 में रामाराज यादव, सुरेश यादव, पिंटू यादव, एस-11 में सोनू कुमार, बाबूराम, एस-6 में विजय पाल, आलोक सिह, जगन्नाथ, कुंदन कुमार, रोहित कुमार, संदीप, फूलचंद, शर्मिला यादव आदि सवार रहे।
इसी तरह अन्य कोच में कौशल्या, इमरान, बनारसी, प्रह्लाद, दिनेश, कैलाश,अब्दुल बशर, मेराज आलम, धर्मेन्द्र कुमार, प्रेम कुमार, सुनीता पांडेय, अंकित, श्रवण, राजाराम, नीतू, अहमद कमाल सहित दो सौ यात्री सवार थे। इसी तरह आरा, पटना के यात्री सवार थे। सभी को स्पेशल ट्रेन से विभिन्न स्टेशनों पर पहुंचाया गया। दिन में दो बजकर पांच मिनट पर ट्रेन मुगलसराय स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंची।