सपा सरकार में सीएम अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट वरुणा कॉरिडोर के कार्य में लेटलतीफी पर सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने गंभीरता से लिया है। इस मामले में वाराणसी के सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता (सोन) सुरेश चंद्र शर्मा को निलंबित कर दिया गया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस मामले में कई और अधिकारियों पर गाज गिरनी तय है। उन्हें चिह्ति कर लिया है। बस सही समय पर कार्रवाई की जाएगी। जिस समय यह योजना शुरू हुई थी उस समय ओम प्रकाश श्रीवास्तव मुख्य अभियंता सोन के पद पर रहे।
काम शुरू होते ही सरकार की ओर से राजेंद्र सिंह को इस पद पर भेजा गया। उनके कार्यकाल में काफी काम हुआ। अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट को लेकर कई सवाल पहले उठ चुके हैं। यहां तक की पैसों का बंदरबांट की भी चर्चा रही।
सरकार बदलने के बाद सिंचाई विभाग से यूपीपीसीएल ने योजना की लागत से अधिक रुपये मांगे। सिंचाई विभाग ने अधिक रुपये देने से मना कर दिया। इसके बाद यूपीपीसीएल ने काम रोक दिया।
दबाव पड़ने पर इक्का दुक्का जगहों पर काम शुरू कराया लेकिन गति नहीं पकड़ने के चलते मानीटरिंग करने वाले सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई की गई।
प्रमुख सचिव सिंचाई सुरेश चंद्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में शामिल वाराणसी की वरुणा नदी के चैनलाइजेशन व तटीय विकास परियोजना के संबंध में दिए गए निर्देशों के बावजूद समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया। परियोजना को 31 मार्च 2018 तक पूरा किया जाना है।