17 साल पहले लापता हुई महिला लौटीं गांव।
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इसके बाद संस्था की कार्यकर्ता रीना सिंह और अनामिका उन्हें लेकर वाराणसी पहुंचीं। हालांकि, 17 वर्षों का लंबा अंतराल होने के कारण उनका असली घर ढूंढना आसान नहीं था। टीम दो दिनों तक चंदापुर नाम के विभिन्न गांवों में भटकती रही, लेकिन सफलता नहीं मिली।
आखिरकार राजातालाब के पास स्थित चंदापुर गांव पहुंचने पर भी ग्रामीण उन्हें पहचान नहीं सके। बाद में ग्रामीणों के सुझाव पर जब टीम राजभर बस्ती पहुंची, तो अनीता के भाई राजकुमार ने उन्हें पहचान लिया। बहन को सकुशल पाकर राजकुमार, उनकी पत्नी निर्मला और पुत्र इंद्रेश सहित पूरे परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई।
परिवार और ग्रामीणों ने संस्था का आभार जताया। संस्था की ओर से बताया गया कि इसके संस्थापक डॉ. भरत वटवानी को समाज सेवा के लिए वर्ष 2018 में प्रतिष्ठित मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।