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Varanasi News: 17 साल पहले लापता हुई महिला लौटीं गांव, छलके खुशी के आंसू; मुंबई से पहुंची वाराणसी

Thu, 07 May 2026 06:02 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: चंदापुर गांव की 55 वर्षीय महिला 17 साल बाद घर लौटी। मानसिक बीमारी के कारण लापता हुई महिला मुंबई में श्रद्धा रिहैबिलिटेशन फाउंडेशन को मिली, जहां इलाज के बाद पहचान हुई। संस्था की मदद से वाराणसी पहुंची महिला को आखिरकार उसके भाई ने पहचान लिया, जिससे परिवार में खुशी लौट आई।
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17 साल पहले लापता हुई महिला लौटीं गांव। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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Varanasi News: राजातालाब क्षेत्र के चंदापुर गांव में 17 वर्षों से लापता एक महिला के सुरक्षित घर लौटने से भावुक कर देने वाला दृश्य देखने को मिला। मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण घर से भटक गई 55 वर्षीय अनीता को जब उनके भाई ने पहचाना तो पूरे परिवार की आंखें नम हो गईं।

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परिजनों के अनुसार, अनीता 17 साल पहले एक बेटे को जन्म देने के बाद मानसिक रूप से अस्वस्थ हो गई थीं। उन्हें बार-बार दौरे पड़ते थे और याददाश्त भी कमजोर हो गई थी। इसी दौरान वह अपने ससुराल मटुका (सेवापुरी) से अचानक लापता हो गईं। काफी खोजबीन और पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिला, जिसके बाद परिवार ने उम्मीद छोड़ दी थी।

भटकते हुए अनीता 20 अक्टूबर को मुंबई पहुंच गईं, जहां श्रद्धा रिहैबिलिटेशन फाउंडेशन ने उन्हें अपने आश्रय स्थल में रखा। संस्था ने करीब छह महीने तक उनका इलाज कराया और देखभाल की। स्वास्थ्य में सुधार होने पर अनीता ने अपना नाम, गांव चंदापुर और पास के बाजार राजातालाब की जानकारी दी।

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संस्था ने की काफी सहायता

17 साल पहले लापता हुई महिला लौटीं गांव। - फोटो : संवाद

इसके बाद संस्था की कार्यकर्ता रीना सिंह और अनामिका उन्हें लेकर वाराणसी पहुंचीं। हालांकि, 17 वर्षों का लंबा अंतराल होने के कारण उनका असली घर ढूंढना आसान नहीं था। टीम दो दिनों तक चंदापुर नाम के विभिन्न गांवों में भटकती रही, लेकिन सफलता नहीं मिली।

आखिरकार राजातालाब के पास स्थित चंदापुर गांव पहुंचने पर भी ग्रामीण उन्हें पहचान नहीं सके। बाद में ग्रामीणों के सुझाव पर जब टीम राजभर बस्ती पहुंची, तो अनीता के भाई राजकुमार ने उन्हें पहचान लिया। बहन को सकुशल पाकर राजकुमार, उनकी पत्नी निर्मला और पुत्र इंद्रेश सहित पूरे परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई।

परिवार और ग्रामीणों ने संस्था का आभार जताया। संस्था की ओर से बताया गया कि इसके संस्थापक डॉ. भरत वटवानी को समाज सेवा के लिए वर्ष 2018 में प्रतिष्ठित मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

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