सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते ही नौतपा की शुरुआत होती है। इसमें सूर्य के पृथ्वी के नजदीक रहने की वजह से तपिश भी बढ़ जाती है। पिछले साल की तुलना में इस साल नौतपा ने खूब तपाया। लोग गर्मी से बेचैन हो गए। नौतपा में पहले दिन से ही तापमान में बढ़ोतरी शुरू हुई और छठे दिन अधिकतम तापमान 47.8 डिग्री सेल्सियस पहुंचने से तापमान का नया रिकॉर्ड बन गया। यह मई महीने में पिछले 144 साल में सर्वाधिक तापमान रहा।
अंतिम दिन दो जून यानी रविवार को अधिकतम तापमान 40.4 और न्यूनतम 26.0 डिग्री सेल्सियस रहा। इस कारण लोगों ने थोड़ी राहत महसूस की। पिछले महीने 25 मई से शुरू होकर नौतपा का असर इस साल दो जून तक रहा। नौतपा के पहले दिन 24 मई को अधिकतम तापमान 35.5 डिग्री सेल्सियस था जो कि नौतपा के पहले दिन 25 मई को बढ़कर 42.3 पहुंच गया। न्यूनतम भी 26.2 डिग्री सेल्सियस की जगह 29.5 रिकॉर्ड किया गया।
पहले दिन तीखी धूप के कारण गंगा घाट से लेकर शहर की प्रमुख सड़कों, बस स्टेशन पर सन्नाटे जैसा दृश्य देखने को मिला। जैसे-जैसे नौतपा आगे बढ़ता गया, तापमान का ग्राफ भी बढ़ता गया। हालांकि नौ दिन के नौतपा के आखिरी तीन दिन बादलों की आवाजाही के साथ ही धूप का असर थोड़ा कम हो गया। इस वजह से तापमान में कमी देखने को मिली।