काशी शुक्रवार को हिमालयी शहर धर्मशाला, मसूरी, देहरादून, जम्मू से भी ज्यादा ठिठुरी। वाराणसी से भी 5300 फीट की ऊंचाई पर बसे सिक्किम के गंगटोक जैसी ठंड लगी। वाराणसी में दिन का पारा 18.4 डिग्री सेल्सियस से ऊपर ही नहीं जा सका। यह सामान्य से भी 5.3 डिग्री कम रहा। धर्मशाला में शुक्रवार को दिन में 20 डिग्री, जम्मू 20.1, मसूरी में 22 डिग्री और देहरादून में 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बनारस का पारा मनाली 15.5 से सिर्फ तीन डिग्री ही ज्यादा रहा। यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र ने बनारस के शुक्रवार को अति शीत दिवस घोषित कर दिया। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया है कि हिमालय की ओर चक्रवाती स्थितियां बनने से ठंड बढ़ गई है।
10 किमी प्रति घंटे की गति से बही पछुआ
शुक्रवार को अधिकतम तापमान 18.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 11.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। काशी में 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पछुआ हवा बही। कोहरे के चलते दृश्यता 50 मीटर से भी कम चली गई। दोपहर एक बजे तक तापमान 12-13 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा, हालांकि दोपहर दो बजे तक हल्की धूप निकलने से तापमान 3-4 डिग्री ऊपर चढ़ गया। आधे घंटे में ही धूप का नामोनिशान मिट गया और शीतलहर शुरू हो गई। इसके बाद पूरा शहर कड़ाके की ठंड की आगोश में चला गया।
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