सोमवार को जहां अधिकतम तापमान 17.6 डिग्री सेल्सियस था, वहीं मंगलवार को 15.0 जबकि न्यूनतम तापमान भी 7.7 डिग्री सेल्सियस से कम होकर 5.0 तक आ गया। मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय ने बताया कि बर्फीली हवाओं के चलने की वजह से गलन बढ़ी है।
औसत से 12 डिग्री कम है तापमान
मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय ने बताया कि जनवरी महीने में औसत अधिकतम तापमान 22.8 और न्यूनतम तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए। मंगलवार को अधिकतम-न्यूनतम दोनों को मिलाकर कुल 20.4 डिग्री सेल्सियस ही हो रहा है। औसत तापमान की तुलना में मंगलवार को इसमें 12 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई।
पांच दिन का तापमान
दिनांक अधिकतम न्यूनतम
18 जनवरी 15.0 5.0
17 जनवरी 17.6 7.7
16 जनवरी 18.2 7.0
15 जनवरी 20.2 11.2
14 जनवरी 21.0 9.5
(तापमान डिग्री सेल्सियस में )
हृदय रोगियों और बच्चों को ज्यादा खतरा
जिस तरह से मौसम तेजी से बदल रहा है, ऐसे में मौसमी बीमारियों (सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार) के साथ ही सांस के रोगी, हृदय रोगियों और बच्चों की सेहत को लेकर अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है। चिकित्सकों के अनुसार अस्पतालों में भी इस समय हृदय रोगी, बच्चों में पेट संबंधी बीमारी के साथ ही निमोनिया का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में सेहत के प्रति इस मौसम में अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। बीएचयू हृदय रोग विभाग के अध्यक्ष प्रो. ओमशंकर का कहना है कि इस समय हृदयाघात यानि हार्ट अटैक की संभावना बढ़ जाती है। ओपीडी में इन दिनों हार्ट अटैक, ब्लड प्रेशर बढ़ने, कम होने के साथ ही चलते-चलते हांफने, सांस लेने में तकलीफ, शुगर वाले मरीज अधिक आ रहे हैं। इसमें 40 साल से अधिक वालों की संख्या ज्यादा है। मंडलीय अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सीपी गुप्ता का कहना है कि ओपीडी में पेट दर्द, उल्टी, दस्त, बुखार की समस्या वाले बच्चों को लेकर अभिभावक आ रहे हैं। अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में भी मौसमी बीमारियों वाले बच्चे अधिक भर्ती है।
क्या करें
-हर दिन आधे घंटे का व्यायाम जरूर करें, इससे राहत होगी
-गुनगुना पानी, गर्म खाना ही खाएं तो बेहतर होगा।
-किसी भी तरह की परेशानी पर तुरंत चिकित्सक से सलाह लें
क्या न करें
-बिना गर्म कपड़ा पहने बाहर न निकलें।
-भोर में टहलने से भी बचना होगा।
-पहले से बीमार लोग चिकित्सक के संपर्क में रहें।