वाराणसी में भीषण ठंड के बीच एक स्कूटी पर सवार परिवार
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बीते आठ दिनों से सर्दी अपने पूरे शबाब पर है। सुबह से शाम तक बदली, कोहरा और गलन की मार बरकरार है। ऐसे में घर से लेकर सड़क तक लोग ठंड से बचने के जतन करने में जुटे हैं। गर्म कपड़े की खरीद के साथ हीटर-ब्लोअर की भी बिक्री बढ़ गई है। इसी के साथ गर्म कपड़ों के तमाम अस्थाई बाजार सजे हुए हैं। शीतलहर व गलन से हर तबका बेहाल है। सबसे बुरा हाल रेहड़ी, पटरी पर दुकान और सब्जी लगाने वालों का है।
रोजी-रोटी के लिए कड़ाके की ठंड में लकड़ी, कागज और अन्य सामग्री से आस-पास आग तो जला रहे, लेकिन भला खुली सड़क पर इस हाड़-कंपाने वाली ठंड में उनको राहत नहीं मिल पा रही है। जनवरी महीने के कदम रखते ही मजदूर तबके के लिए ठंड मुसीबत बन गई है। एक तरफ बहुत लोगों का काम काज ठप हो गया है तो दूसरी ओर ठंड में पेट भरने के लिए मुकाबला करना मुश्किल है। मौसम में अचानक हुए परिवर्तन से दुश्वारियां ही दुश्वारियां हैं।
वाराणसी रिंग रोड पर छाया कोहरा
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जनवरी के पहले सप्ताह से ही मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। शुरूआती चार दिन तक धूप न निकलने के बाद शुक्रवार, शनिवार की तरह रविवार को भी दिन में धूप जरूर निकली, लेकिन पछुआ हवाओं में नमी अधिक होने की वजह से उसका भी कोई असर नहीं दिखा। इधर, शाम होते ही कोहरा छाने लगा। तेज हवाएं भी चलीं। इस वजह से ठंड ज्यादा लगी। मौसम में बदलाव की वजह से ही तापमान में भी कमी दर्ज की गई।
शनिवार को अधिकतम तापमान 18.1 डिग्री सेल्सियस रहा। यानी शनिवार की अपेक्षा रविवार कोे तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस कम हुआ है। मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय ने कहा कि पहाड़ों से आने वाली उत्तर पश्चिमी की हवाओं के चलने की वजह से ठंड बढ़ी है। जिस तरह का मौसम बना है, उसे शीतलहर कहा जाएगा। आने वाले दिनों में तापमान में और कमी की संभावना है। रविवार की शाम ढलते ढलते ही पारा लुढ़का है।