भीषण गर्मी और लू से राहत नहीं मिल पा रही है। दिन में 15 से 20 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चलीं। अधिकतम तापमान 46.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। स्थिति यह है कि पिछले 23 दिन से तापमान भी 40 डिग्री सेल्सियस से पार बना हुआ है। इसके पहले 23 मई को अधिकतम तापमान 35.5 डिग्री सेल्सियस था। अब लोग गर्मी से राहत मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
मई के अंतिम सप्ताह में तापमान के 47.8 डिग्री सेल्सियस पहुंचने के बाद 140 साल का रिकॉर्ड टूट गया था। इसके बाद से ही तापमान में बढ़ोतरी का क्रम जारी है। जून में पिछले दस दिन से हर दिन लू इस तरह चल रही है कि दिन में बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। रात में पंखा और कूलर चलने के बाद भी राहत नहीं मिल रही है। शनिवार का मौसम पिछले दो-तीन दिन से अधिक गर्म रहा। रात नौ बजे भी 38 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।
बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव का कहना है कि मानसून की सक्रियता थोड़ी बहुत देखने को मिल रही है। सब कुछ ठीक रहा तो 20 जून तक मानसून की दस्तक हो सकती है।