वहीं, मध्य शहर के प्रमुख व्यापारिक केंद्र कबीरचौरा के लिए 91.62 लाख रुपये और लहुराबीर क्षेत्र के लिए 61.85 लाख रुपये की धनराशि तय की गई है। शहर के इन व्यस्त मार्गों पर अक्सर ठेले-खोमचे और फुटपाथ पर लगने वाली दुकानों की वजह से यातायात बाधित रहता है। आधुनिक वेंडिंग जोन बनने से वेंडर्स को स्थायी चबूतरा, शेड, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी।
साथ ही, सड़कों पर लगने वाले जाम से स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी। पर्यटन अधिकारियों का कहना है कि इस योजना के धरातल पर उतरने के बाद फुटपाथ दुकानदारों को नगर निगम की कार्रवाई के डर के बिना सम्मानजनक ढंग से कारोबार करने का अवसर मिलेगा, वहीं शहर की सुंदरता और यातायात व्यवस्था में भी सुधार होगा।
वाराणसी में वेंडिंग जोन विकसित होने से पटरी व्यवसायियों को व्यवस्थित और सम्मानजनक स्थान मिलेगा। इससे उनके कारोबार को बढ़ावा मिलने के साथ यातायात व्यवस्था और शहर की सुंदरता में भी सुधार होगा। - जयवीर सिंह, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार।