वाराणसी। जिले में कोरोना टीकाकरण अभियान के तहत सोमवार को डीएम कौशल राज शर्मा और एसएसपी अमित पाठक ने दीनदयाल अस्पताल पहुंचकर टीका लगवाया। इसके साथ ही उन्होंने टीका लगवाने आए फ्रंटलाइन वर्कर्स का हौसला भी बढ़ाया। साथ ही कोरोना प्रोटोकॉल के अनुसार आधे घंटे तक आब्जर्वेशन रूम में डॉक्टरों की निगरानी में रहने के बाद ही दोनों अधिकारी दीनदयाल अस्पताल से निकले। सोमवार को 29 केंद्रों पर पहले से चयनित 12175 में से 5000 लोगों का टीकाकरण हुआ। अब 25-26 फरवरी को स्वास्थ्य कर्मियों को दूसरी डोज लगाई जाएगी।
जिलाधिकारी ने सीएमओ डॉक्टर वीबी सिंह के साथ दीनदयाल अस्पताल में चल रहे टीकाकरण की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। साथ ही लक्ष्य के सापेक्ष टीकाकरण कराए जाने के निर्देश दिए। इस दौरान एडिशनल सीएमओ डॉ.एके मौर्या, सीएमएस डॉक्टर बी शुक्ला, डॉ.आरके सिंह भी मौजूद रहे।
कोरोना का टीका पूरी तरह सुरक्षित है। कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के लिए सभी चयनित लोगो को टीका लगवाने जरूर आना चाहिए। इसका सेहत पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है।-कौशल राज शर्मा, जिलाधिकारी
कोरोना की जंग जीतने के लिए सभी को सामूहिक प्रयास करने की जरूरत है। ऐसे में जरूरी है कि संबंधित केंद्र पर पहुंचकर टीका लगवाया जाए। टीका लगवाने के बाद मैने भी सामान्य दिनाें की तरह कामकाज किया।-अमित पाठक, एसएसपी
आम लोगों के टीकाकरण की तैयारी तेज
जिले में अब आम लोगों को टीका लगाए जाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। मार्च के दूसरे सप्ताह से टीकाकरण की घोषणा हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से तीसरे चरण में जिले में 50 साल से उपर और पहले से बीमार चल रहे लोगों को टीका लगवाया जाना है। इसके लिए करीब शहरी और ग्रामीण इलाकों में करीब पांच लाख लोगों की सूची तैयार कराई गई है। आम लोगों को उनके घर के पास ही टीका लगवाया जा सके, इसके लिए सरकारी विद्यालयों, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को टीकाकरण केंद्र बनाया जाएगा। सीएमओ ने इसके लिए स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी से अपने क्षेत्र के विद्यालय, स्वास्थ्य केंद्र, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की सूची मांगी थी।
दीनदयाल अस्पताल में जल्द शुरू होगी ओपीडी
कोरोना काल से ही बंद चल रही दीनदयाल अस्पताल की ओपीडी जल्द ही खुलने वाली है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस दिशा में तैयारी शुरू कर दी गई।
जिले में दीनदयाल अस्पताल, ईएसआई समेत 15 कोविड अस्पताल बनाए गए थे। अब जब कोरोना का संक्रमण कम हुआ है तो सभी कोविड अस्पताल बंद कर दिए गए हैं। शासन ने केवल दीनदयाल और आईएमएस बीएचयू को कोविड हॉस्पिटल के रूप में संचालित करने का निर्णय लिया है। खास बात यह है कि दीनदयाल में पिछले 15 दिन से एक भी कोरोना मरीज भी नहीं भर्ती हुआ है। इसको देखते हुए ही यहां ओपीडी को सामान्य तरीके से चलाने का निर्णय लिया गया है। सोमवार को टीका लगवाने गए जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने भी इस दिशा में कार्रवाई का निर्देश सीएमओ का दिया है। बताया जा रहा है कि शासन के निर्देशानुसार 180 बेड वाले इस अस्पताल में करीब 50 बेड इसी अस्पताल में कोरोना मरीजों के लिए रिजर्व रखा जाएगा। माना जा रहा है कि मार्च माह के पहले सप्ताह से ओपीडी की सुविधाओं की घोषणा भी कर दी जाएगी।