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बुलेट ट्रेन: 3.5 घंटे में पूरा होगा बनारस से दिल्ली का सफर, जानें- वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से कितना लगेगा वक्त

Sat, 31 Oct 2026 05:23 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बनारस रेलवे स्टेशन से वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में देश का स्वर्णिम इतिहास लिखा जा रहा है। 31 अक्टूबर से वंदे भारत स्लीपर, मेमू और प्रयागराज के लिए नई रेल सेवा शुरू होने से कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
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वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का उद्घाटन करते सीएम योगी व रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बनारस रेलवे स्टेशन से वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में देश का स्वर्णिम इतिहास लिखा जा रहा है। वंदे भारत ट्रेन इसी बदलते और विकसित होते भारत का हिस्सा है। आधुनिक रेल सेवाएं देश की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं। वहीं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि बुलेट ट्रेन से काशी से दिल्ली का सफर 3.5 घंटे में पूरा होगा। वहीं वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से आठ घंटे में सफर पूरा होगा। 

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मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी की आबादी लगातार बढ़ रही है। यात्रियों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है और शहर का दायरा तेजी से विस्तार कर रहा है। ऐसे में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करना समय की आवश्यकता है। वाराणसी से नई दिल्ली के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू होने से यात्रियों को रातभर के सफर में आधुनिक और आरामदायक सुविधा मिलेगी। इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों को सहूलियत होगी।
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सीएम ने कहा कि छात्र अब वाराणसी सिटी से राजातालाब तक 95 रुपये के मासिक पास पर और वाराणसी से प्रयागराज तक मेमू ट्रेन से 220 रुपये में महीनेभर सफर कर सकेंगे। वहीं, रेल मंत्री ने कहा कि दिल्ली से वाराणसी तक बुलेट ट्रेन से महज 3.30 घंटे में पहुंचना संभव होगा। इससे यात्रियों को तेज और बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी।



मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मंच पर कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर मिश्र 'दयालु', विधान परिषद सदस्य हंसराज विश्वकर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य और महापौर अशोक तिवारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

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वंदे भारत स्लीपर ट्रेन। - फोटो : अमर उजाला
पीएम मोदी ने किया एक्स पोस्ट
दिल्ली और काशी के बीच रेल से यात्रा करने वालों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। काशी-दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि यात्रियों का सफर का अनुभव भी बेहतर होगा। आधुनिक सुविधाओं और अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली से लैस, यह देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन है।

33 मिनट में तय होगी दूरी
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुलेट ट्रेन के नॉर्दर्न कॉरिडोर को मंजूरी दी है। यह ट्रेन दिल्ली से चलकर आगरा, कानपुर, लखनऊ और अयोध्या होते हुए वाराणसी पहुंचेगी। इसके बाद पटना होते हुए गुवाहाटी तक जाएगी। यूपी में दिल्ली-वाराणसी-गुवाहाटी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को मंजूरी मिल गई है।

कॉरिडोर बनने के बाद दिल्ली से आगरा का सफर 59 मिनट, कानपुर का एक घंटा 45 मिनट और लखनऊ का दो घंटे 12 मिनट में पूरा होगा। वहीं, दिल्ली से वाराणसी की दूरी महज तीन घंटे 33 मिनट में तय की जा सकेगी। 

देश की दूसरी स्लीपर वंदे भारत को चलाएंगी श्रीनी श्रीवास्तव। - फोटो : अमर उजाला
सीएम योगी ने कहा कि रेलवे केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी गति देता है। बेहतर रेल नेटवर्क से व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसरों का विस्तार होता है। काशी जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले शहर में इसकी उपयोगिता और बढ़ जाती है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 31 अक्टूबर को वाराणसी से तीन महत्वपूर्ण रेल सेवाओं की शुरुआत हो रही है। इनमें वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के अलावा स्थानीय आवागमन को बेहतर बनाने के लिए मेमू ट्रेनें और प्रयागराज के लिए नई रेल सेवा शामिल हैं। मेमू ट्रेनों के संचालन से शहर और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। वहीं, प्रयागराज जाने वाले यात्रियों को भी एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध होगा।

उन्होंने कहा कि इन सेवाओं से काशी का रेल नेटवर्क लंबी दूरी की यात्रा से लेकर स्थानीय परिवहन तक मजबूत होगा। इससे न केवल यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि आसपास के क्षेत्रों का विकास भी गति पकड़ेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रेलवे के आधुनिकीकरण और विस्तार का लाभ अब आम लोगों तक पहुंच रहा है।
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काशी स्टेशन पर निरीक्षण के दाैरान रेल मंत्री और भाजपा नेता। - फोटो : संवाद
वाराणसी पहुंचे रेल मंत्री ने काशी स्टेशन का किया निरीक्षण
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाने वाराणसी पहुंचे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को नव-निर्मित काशी स्टेशन और सिग्नेचर ब्रिज के निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने सिग्नेचर ब्रिज का नाम ‘नमो ब्रिज’ रखने की घोषणा की।

रेल मंत्री ने कहा कि वाराणसी से दिल्ली के बीच शुरू होने वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन यात्रियों, खासकर मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए उपयोगी होगी। इसे रातभर की यात्रा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिससे यात्रियों को आरामदायक सफर की सुविधा मिलेगी।

उन्होंने बताया कि काशी स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया जा रहा है। यहां छह प्लेटफॉर्म होंगे और स्टेशन को बड़े परिवहन केंद्र के रूप में तैयार किया जा रहा है। स्टेशन का निर्माण काशी की धार्मिक संस्कृति और पहचान को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।

रेल मंत्री के अनुसार स्टेशन के दक्षिणी छोर से बाबा विश्वनाथ मंदिर की दूरी करीब दो किलोमीटर है। इससे काशी आने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि काशी स्टेशन और नमो ब्रिज के तैयार होने के बाद पूर्वांचल की कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी और क्षेत्र में परिवहन सुविधाओं का विस्तार होगा।
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