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वाराणसी की टॉप खबरें: पायलट के घर को चोर ने 53 मिनट में खंगाला, मंदिर में चोरी करने का एक आरोपी गिरफ्तार

Wed, 17 Dec 2025 06:22 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: वाराणसी में पायलट के घर को चोर ने 53 मिनट में खंगाला। इस दौरान 70 हजार नकदी समेत 25 लाख की चोरी की वारदात को अंजाम दिया। संक्षिप्त में पढ़ें-  वाराणसी की प्रमुख खबरें  
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वाराणसी की प्रमुख खबरें। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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परमानंदपुर के महेश नगर कॉलोनी में सोमवार देर रात वायु सेना के पायलट शुभम पांडेय के घर को चोर ने खंगाल दिया। 70 हजार की नकदी समेत 25 लाख के आभूषण पर चोरों ने हाथ साफ कर दिया। शिवपुर पुलिस ने आसपास लगे सीसी कैमरों को खंगाला। शुभम की तैनाती तमिलनाडु में है। पिता अखिलेश पांडेय भी वायुसेना में थे और सेवानिवृत्त होने के बाद प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक हैं। अखिलेश 20 दिन पहले पत्नी के साथ पुणे में बेटी के घर गए थे। मंगलवार सुबह शुभम ने मोबाइल पर घर का सीसी कैमरा चेक किया तो चोरी की जानकारी हुई। फुटेज में सोमवार रात 3.20 बजे एक चोर घर में प्रवेश कर चोरी करते और बाहर 4.13 बजे निकलते दिखाई दे रहा है। शुभम पांडेय ने अपने मामा को घर भेजा। मामा ने देखा कि मुख्य दरवाजा टूटा था और घर का सामान बिखरा पड़ा था। आभूषणों के डिब्बे खाली थे। थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार सोनकर ने बताया कि सीसी फुटेज के आधार पर चोर की पहचान की जा रही है। प्राथमिकी दर्ज की जा रही है।

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मंदिर में चोरी करने वालों में शामिल एक गिरफ्तार, तीन की तलाश
पुलिस ने मंदिर में चोरी करने का आरोपी अनुपम उर्फ अभि निवासी ककराही जौनपुर को पुलिस ने फरीदपुर अंडरपास से सोमवार रात गिरफ्तार किया। जबकि तीन अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। अभियुक्त के पास से एक बाइक और दानपेटी से चोरी 1235 रुपये बरामद हुए। बरईपुर में सोमवार को महलिया माई मंदिर से चांदी का मुकुट, दानपेटी का पैसा समेत कुछ अन्य सामान चोरी हुए थे। थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी छाही गांव में मामा के यहां रहता है। लग्जरी लाइफ स्टाइल के लिए कुछ लोगों के साथ मिलकर चोरी करता था।  

ऑटो चालक की लापरवाही से दो घायल
बाबतपुर एयरपोर्ट से कैंट के लिए बैठी ऑटो सवार महिला समेत दो लोग चालक की लापरवाही से सर्किट हाउस के पास सामने से आए दूसरे वाहन से टकराने के बाद घायल हो गए। आरोप है कि चालक मना करने के बाद भी लापरवाही कर रहा था। दामाद अमित कुमार जायसवाल ने कैंट थाने में आरोपी ऑटो चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। अमित ने बताया कि सास निर्मला जायसवाल की हालत गंभीर है जबकि ससुर नंदलाल जायसवाल को भी चोट आई है। कैंट थाना प्रभारी शिवाकांत मिश्र ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ऑटो नंबर के आधार पर चालक की खोज की जा रही है।  

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अधिवक्ता को जान से मारने की धमकी, प्राथमिकी दर्ज

फर्जी मुकदमा, जान से मारने की धमकी और लंबित मुकदमे में समझौते का दबाव बनाने के मामले में पीड़ित की तहरीर पर कैंट पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की। बरेहटा मिर्जामुराद निवासी अधिवक्ता संजय कुमार मिश्र का आरोप है कि उनके परिवार से जुड़ा हत्या व गोलीकांड से संबंधित मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है, जिनमें वह गवाह हैं। आरोप है कि विपक्षी लोग मुकदमे में सुलह का दबाव बना रहे हैं। चंद्रभूषण मिश्र सहित 30 अज्ञात लोग चौकी पर आकर समझौते का दबाव बनाया। ऐसा नहीं करने पर जान से मारने की धमकी दी। आरोप लगाया कि आरोपी कफ सिरप प्रकरण में अमित सिंह उर्फ टाटा और शुभम जायसवाल से जुड़े हैं। कैंट थाना प्रभारी शिवाकांत मिश्रा ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है। 

ज्ञानवापी से जुड़े पुराने मुकदमे में कार्रवाई पर रोक के लिए बहस 20 दिसंबर को
सिविल जज (सीनियर डिवीजन/फास्ट ट्रैक) भावना भारती की अदालत में मंगलवार को ज्ञानवापी से जुड़े 1991 के पुराने मुकदमे में वादमित्र को हटाने की खारिज हो चुकी अर्जी में संशोधन संबंधी प्रार्थना पत्र पर सुनवाई हुई। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अगली सुनवाई की तिथि 20 दिसंबर नियत की। सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की ओर से अधिवक्ता ने आगे की कार्रवाई पर रोक लगाने की दलील दी। उन्होंने कहा कि एक वरिष्ठ अधिवक्ता की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सभी मुकदमों की अग्रिम कार्रवाई पर रोक लगा रखी है, इसलिए इस वाद में भी सुनवाई नहीं हो सकती। इस पर वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी ने विरोध जताया। उन्होंने कहा कि केवल मौखिक दलील के आधार पर किसी भी मुकदमे की कार्रवाई पर रोक नहीं लगाई जा सकती। रोक से संबंधित कोई मांग है तो लिखित प्रार्थना पत्र दिया जाए, ताकि उस पर विधिवत सुनवाई हो सके। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को अग्रिम कार्रवाई पर रोक से संबंधित लिखित अर्जी दाखिल करने का निर्देश दिया। अगली सुनवाई 20 दिसंबर नियत की। हरिहर पांडेय के निधन के बाद उनकी तीनों पुत्रियों को हटाने संबंधी अर्जी दाखिल की गई थी, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया। इसके बाद अब पक्षकार बनाने से संबंधित अर्जी में संशोधन के लिए पुत्रियों की ओर से एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया है।  

चाय पी रहे छात्र को सहपाठियों ने पीटा
बाबतपुर के सिएट कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों ने सहपाठी को मारपीट कर घायल कर दिया। पीड़ित छात्र ने बड़ागांव थाने में दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। गाजीपुर के पांडेयपुर गांव निवासी छात्र नित्यानंद आरोप है कि बीते दिनों वह आरटीओ कार्यालय के पास दुकान पर चाय पी रहा था। उसके साथ पढ़ने वाले दो छात्र मऊ के विवेक सिंह और शिवम सिंह पहुंचे और बिना कारण मारने लगे। आसपास के लोगों ने बीचबचाव किया। थाना प्रभारी अजय कुमार मिश्रा ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है। 

मारपीट के मामले में 30 दिन बाद प्राथमिकी दर्ज

मिर्जामुराद क्षेत्र के खगरामपुर गांव में एक महीने पहले जमीन के विवाद और मारपीट में मिर्जामुराद पुलिस ने एक महीने बाद दस नामजद और पांच अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज की। दिनेश, सुंदर और उजियार का आरोप है कि न्यायालय से रोक के बाद भी विपक्षी खेत पर कब्जा कर रहे थे। विरोध करने पर रामसिंह, नाथूराम, आशीष, जितेंद्र, प्रदीप, सूरज, विजयी, परशुराम व विश्राम सहित अज्ञात ने मारपीट की। थाना प्रभारी प्रमोद कुमार पांडेय ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।  
  
नियुक्ति पर नहीं लगी रोक तो करेंगे भूख हड़ताल और प्रदर्शन
श्री कबीर आदर्श संस्कृत महाविद्यालय में नियुक्तियों के नाम पर गड़बड़ियां हो रही हैं। महाविद्यालय में नियुक्ति शुरू होने से पहले ही विषय विशेषज्ञ का नाम सार्वजनिक हो गया है। महाविद्यालय पर कुछ लोगों ने कब्जा जमा लिया है और शिक्षक भर्ती के नाम पर पैसों की वसूली कर रहे हैं। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति और कुलसचिव के साथ ही अधिकारियों से भी शिकायत की गई है। महाविद्यालय में होने वाली नियुक्ति पर तत्काल रोक नहीं लगी तो भूख हड़ताल और विरोध प्रदर्शन करेंगे।

पूर्व अध्यक्ष आचार्य महंत संत शरण दास और महंत गोविंद दास ने मंगलवार को आरोप लगाया कि साक्षात्कार के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. भारतेंदु पांडेय को विषय विशेषज्ञ नियुक्त किया गया है। महाविद्यालय में शास्त्री से आचार्य के पांच पाठ्यक्रम में 51 छात्र पंजीकृत हैं, लेकिन कक्षा में कोई नहीं आता है। नियुक्तियों में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है और चयन प्रक्रिया को जानबूझकर नियमों के विरुद्ध किया जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि तत्काल श्री कबीर आदर्श संस्कृत महाविद्यालय के अध्यापक नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। संस्था में तत्काल रिसीवर नियुक्त कर बैठक की कार्रवाई की जाए। थ ही संस्था को अपराधियों से मुक्त कराया जाए और कूटरचित दस्तावेज, फर्जी शपथपत्र, फर्जी हस्ताक्षर और जबरदस्ती ताला तोड़कर कब्जा करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की जाए।

छेड़खानी के दो आरोपी गिरफ्तार, आठ घंटे में चार्जशीट भी दाखिल
युवती से छेड़खानी के दो आरोपियों यश कपूर और श्रेष्ठ जायसवाल को चेतगंज पुलिस ने मंगलवार को चेतगंज से गिरफ्तार किया। 14 दिनों की न्यायिक रिमांड लेते हुए पुलिस ने 8 घंटे के अंदर आरोप पत्र भी कोर्ट में दाखिल कर दिया। चेतगंज इंस्पेक्टर विजय कुमार शुक्ला ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में रामकटोरा के संतकबीर रोड निवासी यश कपूर और सेनपुरा निवासी श्रेष्ठ जायसवाल है। पीड़िता ने प्राथमिकी दर्ज कराई कि स्कूटी सवार दो युवक लगातार तीन दिन से उसका पीछा कर रहे और अभ्रद टिप्पणी करते हैं। 

सीबीए चुनाव के लिए 18 से 20 दिसंबर तक होंगे नामांकन

सेंट्रल बार एसोसिएशन (सीबीए)के वार्षिक चुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। एल्डर कमेटी के चेयरमैन राधेलाल श्रीवास्तव की अध्यक्षता में सेंट्रल बार भवन में हुई बैठक के बाद चुनाव संबंधी जानकारी दी गई। नामांकन प्रक्रिया 18 दिसंबर से 20 दिसंबर तक चलेगी। जांच 22 दिसंबर को होगी। 23 दिसंबर को नाम वापसी होगी। अंतिम रूप से प्रत्याशियों की सूची 24 दिसंबर को जारी की जाएगी। मतदान 3 जनवरी 2026 को सुबह 10 से शाम 4.30 बजे तक होगा। मतगणना 4 जनवरी को होगी। चुनाव में विभिन्न पदों के लिए जमानत राशि तय की गई है। अध्यक्ष पद के लिए 12 हजार रुपये, वरिष्ठ उपाध्यक्ष के लिए 11 हजार, कनिष्ठ उपाध्यक्ष के लिए 9 हजार, महामंत्री के लिए 10 हजार, कोषाध्यक्ष के लिए 7 हजार, आय-व्यय निरीक्षक के लिए 6500 रुपये निर्धारित है। संयुक्त मंत्री (प्रशासन एवं पुस्तकालय) पद के लिए 7 हजार रुपये जमानत राशि रखी गई है। प्रबंध समिति सदस्य पद के लिए 15 वर्ष से अधिक अनुभव वालों के लिए 7 हजार और 15 वर्ष से कम अनुभव वालों के लिए 6 हजार रुपये जमानत राशि तय की गई है। नामांकन पत्र की कीमत 1500 रुपये होगी। प्रत्याशियों को नामांकन के साथ हलफनामा देना होगा, जिसमें उन्हें आपराधिक इतिहास का विवरण देना अनिवार्य है। बैठक में एल्डर कमेटी के सदस्य विजय शंकर रस्तोगी, अशोक कुमार सिंह, प्रिंस, मोहन यादव और महफूज आलम उपस्थित रहे। उधर, बनारस बार एसोसिएशन के लिए नामांकन की प्रक्रिया हुई।

अध्यक्ष पद पर तीन, अन्य पदों के लिए 28 ने किया नामांकन
राजातालाब बार एसोसिएशन के चुनाव के लिए मंगलवार को गहमागहमी रही। अध्यक्ष पद के लिए राजेश कुमार सिंह, नारायणी सिंह और ओमप्रकाश पांडेय ने नामांकन पत्र दाखिल किया। अन्य पदों के लिए 28 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किया। चुनाव संचालन समिति के सदस्य नंद किशोर सिंह पटेल एडवोकेट ने बताया वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद के लिए धर्मेंद्र कुमार सिंह ,दुर्गेश कुमार सिंह, संदीप कुमार पांडेय, कनिष्ठ उपाध्यक्ष पद के लिए आशीष कुमार सिंह, नीरज कुमार पाठक, महामंत्री पद के लिए आनंद कुमार पांडेय, अनिल कुमार सिंह ,संतोष कुमार चौबे, शैलेंद्र कुमार सिंह ,वीरेंद्र कुमार यादव ने नामांकन पत्र दाखिल किया। कोषाध्यक्ष के लिए मुकेश कुमार उपाध्याय, संयुक्त सचिव प्रशासन के लिए नवनीत उपाध्याय, परमहंस राज पटेल, पुस्तकालय मंत्री के लिए जगदीप उपाध्याय, संयुक्त सचिव प्रशासन पद के लिए नरेंद्र कुमार यादव, रितेश कुमार ,आय व्यय निरीक्षक पद के लिए अमरनाथ यादव, सदस्य वरिष्ठ प्रबंध समिति के लिए दिवाकर प्रसाद चौधरी, रणविजय मिश्रा ,विनय कुमार पाठक, गणेश प्रसाद सिंह, कनिष्ठ प्रबंध समिति पद के लिए मयंक कुमार पांडे, रमेश कुमार उपाध्याय, रितेश कुमार सिंह और विकास त्रिपाठी ने नामांकन पत्र दाखिल किया। 17 दिसंबर को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी और प्रत्याशियों की अंतिम सूची प्रकाशित की जाएगी।  

हिदायत हुसैन खां के सितार, महेश राम की कबीर वाणी से सजेगा कबीर महोत्सव
महिंद्रा कबीर महोत्सव का नौवां संस्करण 19 से 21 दिसंबर तक गंगा के घाटों पर सजेगा। 15वीं सदी के संत कबीर की विरासत के उत्सव को पवित्र और शाश्वत गंगा के सानिध्य में मनाया जाएगा। महोत्सव में संगीतकार, चिंतक और विविध बैंड अपनी कला व कौशल के जरिये संत कबीर की परंपरा के मूल तत्वों, सत्य और समावेशन का उत्सव मनाएंगी।

टीमवर्क आर्ट्स के प्रबंध निदेशक संजॉय के रॉय ने बताया कि कबीर महोत्सव की शुरुआत 19 दिसंबर को गुलेरिया कोठी पर गंगा आरती से होगी। शाम को कबीरचौरा मठ आश्रम के शिक्षाविद, शोधकर्ता और धर्मवेत्ता उमेश कबीर कबीर के दर्शन पर अपने विचार साझा करेंगे। समापन कुमाऊं के कव्वाली समूह रहमत-ए-नुसरत की प्रस्तुति कबीरियत से होगा। 20 दिसंबर को पहले दिन की शुरुआत गुलरिया कोठी में सुबह के संगीत से होगी। श्रोताओं की सुबह भारतीय शास्त्रीय रागों के साथ होगी। इसमें स्वाति तिवारी का गायन, विख्यात सितार वादक हिदायत हुसैन खां की प्रस्तुति होगी।

दोपहर के सत्र की शुरुआत कबीर द जुलाहा : वर्सेज फ्रॉम द लूम से होगी। इसमें शिवांगिनी येशु युवराज और ईशा प्रिया सिंह के कथात्मक और संगीतमय प्रस्तुति होगी। इसमें कबीर के संत और शिल्पकार दोनों रूपों को दर्शाया जाएगा। इसके बाद कबीर के पदों और विचारों पर बातचीत होगी। सांझ ढलते ही शिवाला घाट पर कबीर बानी के साथ शाम में कबीर की कविताओं के रंग घुलेंगे। लोक कलाकार महेश राम मेघवाल भक्ति परंपरा से प्रेरित कबीर की सटीक और विचारवान वाणियों का गायन करेंगे। समापन सुप्रसिद्ध गायक राहुल देशपांडे की प्रस्तुति से होगा।

21 दिसंबर को अंतिम दिन की शुरुआत एक बार फिर गुलेरिया कोठी में सुबह के संगीत से होगी। इसमें तेजस्विनी वर्नेकर ख्याल गायकी पर केंद्रित हिंदुस्तानी गायन प्रस्तुत करेंगी। इसके बाद देबस्मिता भट्टाचार्य का सरोद वादन होगा। महोत्सव की अंतिम शाम शिवाला घाट पर आदित्य प्रकाश के प्रदर्शन से आरंभ होगी। कर्नाटक संगीत और जैज के अनोखे संगम से सजी उनकी प्रस्तुति एक रुहानियत तथा ऊर्जा के भरपूर होगी। समापन भारत के प्रमुख कर्नाटक प्रोग्रेसिव रॉक बैंड अगम बैंड की प्रस्तुति से होगा। महिंद्रा समूह के वाइस प्रेसिडेंट व सांस्कृतिक आउटरीच हेड जय शाह ने कहा कि यह महोत्सव कला और परंपरा की उस शक्ति का उत्सव है जो अतीत और वर्तमान, स्वयं और अनंत के बीच सेतु बनाता है और कबीर के शाश्वत संदेश विविधता में एकता को संदेश देता है।

महोत्सव में होगा हेरिटेज वॉक
महिंद्रा कबीर महोत्सव में सार्वजनिक संगीत प्रस्तुतियों के साथ-साथ, इसमें सहभागी प्रतिनिधियों के लिए विशेष रूप से संजोए गए हेरिटेज वॉक, मंदिर भ्रमण और कबीर की बनारस में वर्णित भौतिक व आध्यात्मिक स्थलों की यात्राएं शामिल हैं।
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मोक्ष के लिए नौ महीने काशी में गर्भवास कर रहे हैं दक्षिण भारतीय

मोक्ष की कामना से काशी में दक्षिण भारतीय श्रद्धालुओं के गर्भवास का अनुष्ठान शुरू हो चुका है। काशी में जन्म के फल के साथ ही आत्मऋण, देवऋण और पितृऋण से मुक्ति की कामना से श्रद्धालु नौ महीने तक काशी में गर्भवास करते हैं। काशी तमिल संगमम के बाद बनारस में गर्भवास करने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। खास बात यह है कि इसमें सबसे अधिक संख्या सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों व कर्मियों की है। पहले जहां जहां साल में एक या दो बुजुर्ग दंपती गर्भवास के लिए काशी आते थे, वहीं, अब इनकी संख्या बढ़कर 15 से 20 दंपती तक पहुंच गई है।

काशी तमिल संगमम के सफल आयोजन ने काशी में धार्मिक पर्यटन को एक नया आयाम दिया है। सदियों से दक्षिण भारत और उत्तर भारत के बीच धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव रहा है। धर्म, अध्यात्म और मोक्ष की नगरी काशी में दक्षिण भारतीय मेहमानों की नौ महीने की गर्भवास करने की संख्या बढ़ रही है। काशी तमिल संगमम का प्रभाव अब काशी के धार्मिक पर्यटन पर नजर आने लगा है। वर्षों से तमिलनाडु के श्रद्धालु धार्मिक अनुष्ठानों, अध्यात्म और मोक्ष की खोज में काशी पहुंचते रहे हैं, लेकिन हाल के वर्षों में यह संख्या बढ़ी है। विशेष रूप से गर्भवास की परंपरा निभाने वाले दक्षिण भारतीय श्रद्धालुओं की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है।

नौ महीने काशीवास से काशी में जन्म का मिलता है फल
दक्षिण भारतीयों के लिए धार्मिक अनुष्ठान कराने वाले श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के पूर्व सदस्य के वेंकट रमन घनपाठी ने बताया कि काशी में नौ महीनों के गर्भवास का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। ऐसी मान्यता है कि 9 महीने के काशीवास से काशी में जन्म का फल प्राप्त होता है। वहीं, मृत्यु होने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है। कांची कामकोटि मंदिर के प्रबंधक वी मणि ने बताया कि वैशाख और कार्तिक मास में संकल्प लेकर श्रद्धालु काशी में गर्भवास की शुरुआत करते हैं। इसमें शंभू पूजन, गंगा स्नान के साथ ही सत्संग नियमित रूप से होता है।

मंदिरों में सुविधा और दर्शन की सुगमता से गर्भवास आसान
चेन्नई के रहने वाले निजी कंपनी में अधिकारी पद से सेवानिवृत्त हो चुके स्वामीनाथन बालकृष्णन और उनकी पत्नी एस भुवाना स्वामीनाथन फरवरी 2024 से काशी में गर्भवास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मंदिरों में सुविधा और दर्शन की सुगमता से गर्भवास काफी आसान हो गया है। बेहतर यातायात व्यवस्था और अच्छी कनेक्टिविटी ने संगम नगरी प्रयागराज और राम की नगरी अयोध्या से दर्शन करके शाम तक काशी लौटना आसान कर दिया है। गर्भवास के दौरान काशी में रात्रि निवास जरूरी है। एस भुवाना स्वामीनाथन ने बताया कि सनातन में आस्था रखने वाले दक्षिण भारतीयों की अंतिम इच्छा काशी में गर्भवास करने की होती है। पिछले 4 वर्षों में काशी तमिल संगमम के आयोजन से उत्तर प्रदेश और काशी को लेकर पूर्व की धारण टूटी हैं। काेयंबटूर की श्रीमाथी का कहना है कि उनका भी गर्भवास फरवरी 2026 में पूर्ण हो जाएगा।

पर्यटकों की सुविधा के लिए सारनाथ में बन रहा अत्याधुनिक क्लीन स्ट्रीट फूड हब
भगवान बुद्ध की उपदेश स्थली सारनाथ में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की सुविधा, सुरक्षा और सुगमता सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश सरकार निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सारनाथ के ऋषिपत्तन मार्ग पर आधुनिक क्लीन स्ट्रीट फूड हब एंड ग्रीन बेल्ट का निर्माण एवं सुंदरीकरण कराया जा रहा है।

करीब 108 मीटर लंबी सड़क पर विकसित होने वाला यह स्ट्रीट फूड हब न केवल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा, बल्कि स्थानीय नागरिकों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगा। इस क्षेत्र का वास्तुशिल्प बौद्ध पैगोडा शैली के अनुरूप तैयार किया जा रहा है, जिससे इसका सौंदर्य सारनाथ की ऐतिहासिक एवं धार्मिक पहचान के अनुरूप रहेगा। सारनाथ में यह पहल काशी क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। निर्माणाधीन क्लीन स्ट्रीट फूड हब की यह सौगात सारनाथ को नए वर्ष में प्राप्त होगी। बौद्ध सर्किट के अंतर्गत देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को अब स्वच्छ, सुव्यवस्थित और सुरक्षित सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह जोन न केवल खान-पान व्यवस्था को संगठित करेगा, बल्कि सारनाथ की बौद्ध विरासत को संरक्षित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे सारनाथ धार्मिक, ऐतिहासिक और पर्यटन विकास, तीनों ही दृष्टियों से एक नई पहचान स्थापित करेगा।

स्मार्ट सिटी के मुख्य महाप्रबंधक अमरेंद्र तिवारी ने बताया कि ऋषिपत्तन मार्ग (सुहेलदेव चौराहे के पास) लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से 108 मीटर लंबे क्लीन स्ट्रीट फूड हब एंड ग्रीन बेल्ट का निर्माण किया जा रहा है। इसके अंतर्गत कुल 24 अत्याधुनिक दुकानों का निर्माण प्रस्तावित है। इस परियोजना से लगभग 100 लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि पूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर दुकानों को सौंपा जाएगा, जिससे स्थानीय विक्रेता बिना किसी असुविधा के अपना व्यवसाय संचालित कर सकें। इसके अतिरिक्त दुकानों के आसपास बैठने की समुचित व्यवस्था भी विकसित की जा रही है, ताकि सैलानी शांतिपूर्ण वातावरण में बैठकर स्थानीय व्यंजनों का आनंद ले सकें। यह पहल न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी। सरकार का लक्ष्य है कि इस परियोजना के माध्यम से सारनाथ आने वाले पर्यटकों को विश्वस्तरीय अनुभव प्राप्त हो और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नया आयाम मिले। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस पहल से सारनाथ एक आदर्श पर्यटन स्थल के रूप में और अधिक सुदृढ़ रूप में उभरेगा।
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