लखनऊ कंट्रोल से सूचना के आधार पर एडीसीपी वरुणा जोन प्रबल प्रताप सिंह के नेतृत्व में बम निरोधक दस्ता और डाग स्क्वाड संग कैंट पुलिस ने परिसर में चेकिंग अभियान चलाया। लगभग सभी कोर्ट के अंदर और बाहर तक परिसर की गहन छानबीन की। हालांकि इस दौरान कुछ भी विस्फोटक, संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। लगभग दो से तीन घंटे तक पुलिस कचहरी परिसर की चप्पे-चप्पे की तलाशी ली। पुलिस आयुक्त के अनुसार लखनऊ कंट्रोल पर फोन करने वाले नंबर को ट्रेस कराया जा रहा है, यह पता करने का प्रयास किया जा रहा है कि कौन व्यक्ति है और इसके पीछे उसकी मंशा क्या है।
कोर्ट के अंदर तक तलाशी
पहली बार ऐसा हुआ कि धमकी भरे कॉल के बाद कचहरी परिसर के अंदर सभी न्यायालय की तलाशी ली गई। न्यायालय के अंदर तक पुलिस ने चेकिंग की। बम निरोधक दस्ता और डाग स्क्वाड को देख वादी और अधिवक्ता सहित अन्य लोग भी सहम गए। हालांकि इस दौरान पुलिस ने उन्हें सिर्फ रूटीन चेकिंग का हवाला दिया ताकि कोई भयभीत न हो।
पहले भी मिल चुकी है जज और याचिकाकर्ता को धमकी
कचहरी में पहले भी जज को धमकी भरे लहजे में पत्र मिल चुके हैं। पिछले जून माह में ज्ञानवापी प्रकरण में एडवोकेट कमिश्नर की कार्यवाही का आदेश देने वाले सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रवि कुमार दिवाकर को इस्लामी संगठन की ओर से धमकी भरा पत्र मिला था। इसके बाद उनके न्यायालय और आवास के बाहर पुलिस की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। इसके बाद अगस्त माह में ही ज्ञानवापी प्रकरण में याचिकाकर्ता हरिहर पांडेय को फोन पर धमकी दी गई थी।