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Varanasi: गैंगस्टर के आरोपियों को बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस ने चलाया चेकिंग अभियान

Tue, 20 Sep 2022 10:34 PM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी

सार

पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश के अनुसार लखनऊ डीजी आफिस और लखनऊ डायल-112 कंट्रोल को अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि वाराणसी में गैंगस्टर एक्ट के आरोपियों को न्यायालय रिहा कर दे रहा है।
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जांच करते पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गैंगस्टर एक्ट के आरोपियों को बम से उड़ाने की धमकी पर मंगलवार की दोपहर कचहरी परिसर में पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया। एमपी/एमएलए कोर्ट समेत सभी न्यायालय परिसर को पुलिस ने ढाई से तीन घंटे तक बम निरोधक दस्ता और डाग स्क्वाड संग खंगाला।  दोपहर के समय एमपी/एमएलए कोर्ट में गैंगस्टर मुकदमे में आरोपी घोसी सांसद अतुल राय की सुनवाई थी। हालांकि इस दौरान विस्फोटक समेत अन्य कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। एहतियातन कचहरी परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

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पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश के अनुसार लखनऊ डीजी आफिस और लखनऊ डायल-112 कंट्रोल को अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि वाराणसी में गैंगस्टर एक्ट के आरोपियों को न्यायालय रिहा कर दे रहा है। पिछले तीन दिनों में गैंगस्टर मामले में तीन आरोपियों को बरी किया गया। धमकी दी कि गैंगस्टर के आरोपियों का फैसला अब वह खुद करेगा। फोन करने वाले ने एमपी/एमएलए कोर्ट का भी जिक्र किया।

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लखनऊ कंट्रोल से सूचना के आधार पर एडीसीपी वरुणा जोन प्रबल प्रताप सिंह के नेतृत्व में बम निरोधक दस्ता और डाग स्क्वाड संग कैंट पुलिस ने परिसर में चेकिंग अभियान चलाया। लगभग सभी कोर्ट के अंदर और बाहर तक परिसर की गहन छानबीन की। हालांकि इस दौरान कुछ भी विस्फोटक, संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। लगभग दो से तीन घंटे तक पुलिस कचहरी परिसर की चप्पे-चप्पे की तलाशी ली। पुलिस आयुक्त के अनुसार लखनऊ कंट्रोल पर फोन करने वाले नंबर को ट्रेस कराया जा रहा है, यह पता करने का प्रयास किया जा रहा है कि कौन व्यक्ति है और इसके पीछे उसकी मंशा क्या है।

कोर्ट के अंदर तक तलाशी

पहली बार ऐसा हुआ कि धमकी भरे कॉल के बाद कचहरी परिसर के अंदर सभी न्यायालय की तलाशी ली गई। न्यायालय के अंदर तक पुलिस ने चेकिंग की। बम निरोधक दस्ता और डाग स्क्वाड को देख वादी और अधिवक्ता सहित अन्य लोग भी सहम गए। हालांकि इस दौरान पुलिस ने उन्हें सिर्फ रूटीन चेकिंग का हवाला दिया ताकि कोई भयभीत न हो।

पहले भी मिल चुकी है जज और याचिकाकर्ता को धमकी

कचहरी में पहले भी जज को धमकी भरे लहजे में पत्र मिल चुके हैं। पिछले जून माह में ज्ञानवापी प्रकरण में एडवोकेट कमिश्नर की कार्यवाही का आदेश देने वाले सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रवि कुमार दिवाकर को इस्लामी संगठन की ओर से धमकी भरा पत्र मिला था। इसके बाद उनके न्यायालय और आवास के बाहर पुलिस की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। इसके बाद अगस्त माह में ही ज्ञानवापी प्रकरण में याचिकाकर्ता हरिहर पांडेय को फोन पर धमकी दी गई थी।
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