वाराणसी। कोरोना के चलते अचानक हुए लॉकडाउन मिठाई की दुकानें भी बंद करनी पड़ीं और चार-पांच दिनों के लिए रखा गया स्टाक खराब हो गया। इससे 5000 छोटे-बड़े मिठाई कारोबारियों का करीब 50 करोड़ रुपये का नुकसान हो गया। अधिकतर कारीगर भी काम का पैसा लेकर घर चले गए, लिहाजा अब भी इस कारोबार को पटरी पर लौटने में काफी समय लगेगा।
शहर में 50 बड़े, 1500 मध्यम स्तर के और करीब 3500 छोटे दुकानदार हैं। इनसे करीब 50 हजार लोग जुड़े हैं। मिठाई कारोबार से जुड़े लोगों के अनुसार, मिठाई धंधे से जुड़े लोगों की हालत बेहद खराब है। लाखों रुपये का माल दुकान में पड़े-पड़े खराब हो गया। कई कारोबारियों ने बैंक से कर्ज लेकर दुकान खोली थी, उन्हें ईएमआई और ब्याज की चिंता सता रही है। दुकान खोलने की अनुमति जरूर मिली है, लेकिन गिने चुने ग्राहक ही पहुंच रहे हैं।
कारोबारियों के अनुसार, मार्च, अप्रैल, मई और जून कमाई का सीजन होता है। इस मौसम में काफी शादियां होती हैं, जिससे खूब आर्डर मिलते हैं। लेकिन इस बार सभी बुकिंग कैंसिल हो गईं। अभी नहीं लगता कि आने वाले दिनों में भी स्थिति सुधर पाएगी। सरकार को इस धंधे से जुड़े हुए लोगों के बारे में भी सोचना चाहिए।