फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वाराणसी: आठ महीने से सीवर समस्या, जानकारी के बाद नगर आयुक्त ने टीम लगाकर कराई सफाई; भड़के थे लोग

Tue, 13 Oct 2026 03:35 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी में आठ महीने से सीवर की समस्या झेल रहे कॉलोनी के लोगों ने विरोध में जाम लगा दिया। इसकी जानकारी मिलने पर नगर आयुक्त ने टीम भेजकर सफाई कराई। लंबे समय से समस्या का समाधान नहीं होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी थी। जाम के बाद नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की।
विज्ञापन
काॅलोनी में भरा सीवर का पानी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आठ महीने से सीवर की समस्या झेल रहे आकाश बिल्डर काॅलोनी के लोगों का सब्र रविवार को टूट गया। कॉलोनीवासियों ने लहरतारा पर प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों समझा बुझाकर शांत कराया। प्रदर्शन की सूचना पर फौरन राहत टीम को मौके पर भेजा गया।

विज्ञापन


वहीं, जानकारी के बाद नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने टीम लगाकर काॅलोनी की सफाई कराई। साथ ही स्थायी समाधान का भरोसा दिलाया।  सीवर समस्या से परेशान लोगों ने कहा कि जनप्रतिनिधि से लेकर अधिकारियों तक से शिकायत की गई। वे मौके पर आए, निरीक्षण भी किया लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। पिछले आठ महीने से समस्या झेल रहे हैं और जिम्मेदार समाधान नहीं कर रहे हैं। 

डाॅ. एसबी सिंह, प्रशांत सिंह, सुभाष शर्मा, रमाकांत मौर्या और नीलगिरी साहू ने कहा कि आठ महीने से हम ये समस्या झेल रहे हैं। गंदगी की वजह से सावन में काॅलोनी का कोई व्यक्ति मंदिर नहीं जा सका।  यही स्थिति नवरात्र में होने वाली है। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता केके सिंह ने कहा कि सड़क निर्माण के चलते दिक्कत है। इसका समाधान कराया जा रहा है।
विज्ञापन


मुख्य अभियंता सुरेश चंद्र ने कहा कि समस्या का समाधान कराया जा रहा है। यहां पीडब्ल्यूडी की ओर से सड़क बनाई जा रही है। इस वजह से दिक्कत आई है। समस्या का स्थायी समाधान जल्द से जल्द कराया जाएगा।

Trending Videos
विज्ञापन

पीडब्ल्यूडी नाला बनवा रहा है। इससे यहां सीवर लाइन ही बंद कर दी गई है। कॉलोनी में सीवर ओवरफ्लो है। आने-जाने में दिक्कत होती है। - ममता जायसवाल 

काॅलोनी में आठ महीने से सीवर की समस्या है। शिकायत के बाद भी समाधान नहीं हो रहा। वाहन खड़े करने और चलने में भी मुश्किल होती है। - इंदिरा उपाध्याय 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें