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वाराणसी: मद्रास के भूकंप वैज्ञानिक धाम के बाबा विश्वनाथ बैकुंठ और दंडपाणि मंदिर की मजबूती की देंगे रिपोर्ट

Sat, 17 Oct 2026 12:13 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

आईआईटी मद्रास के भूकंप वैज्ञानिक डॉ. अरुण मेनन और उनकी टीम काशी विश्वनाथ धाम स्थित बाबा विश्वनाथ मंदिर, बैकुंठ मंदिर और दंडपाणि मंदिर की मजबूती की जांच करेगी। टीम मंदिरों की संरचनात्मक स्थिति और भूकंपरोधी क्षमता का अध्ययन करेगी। जांच के बाद विशेषज्ञ मंदिरों की मजबूती को लेकर अपनी रिपोर्ट देंगे। इससे मंदिरों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए जरूरी उपाय तय करने में मदद मिलेगी।
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श्री काशी विश्वनाथ मंदिर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के तीन मुख्य मंदिरों बाबा विश्वनाथ, बैकुंठ और दंडपाणि मंदिर की मजबूती की जांच होगी। आगामी खतरों और भौगोलिक नुकसान से बचाने के लिए आईआईटी मद्रास के भूकंप वैज्ञानिक रिपोर्ट तैयार करेंगे। ये वैज्ञानिक बाबा विश्वनाथ के ज्योतिर्लिंग के हिस्से को छोड़कर बाकी गर्भगृह के भीतर और बाहरी दीवारों के स्थायित्व की भी जांच करेंगे। आईआईटी मद्रास के भूकंप वैज्ञानिक डॉ. अरुण मेनन और उनकी पूरी टीम इस बिंदु को जांच का आधार बनाएगी। 

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वैज्ञानिकों को बाबा विश्वनाथ के साथ ही बैकुंठ और दंडपाणि मंदिर के भी पत्थरों को आगामी कई वर्षों तक संरक्षित करने की तकनीक तय करनी है। इन मंदिरों की मजबूती और स्थायित्व को चेक करेंगे। बिना छेड़छाड़ के मंदिर को रेनोवेट करने का रास्ता भी निर्धारित कर मंदिर प्रशासन को अपनी राय देंगे। इसमें भूकंप, बाढ़ और अन्य मौसमी आपदाओं से बचाने के बिंदुओं को शामिल किया जाएगा। पांच नवंबर को होने वाले आईआईटी मद्रास के वैज्ञानिकों के दौरे में पूरे मंदिर की जांच होगी। 

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आने वाली पीढि़यों को देना है सुरक्षित मंदिर
मंदिर प्रशासन ने बीते तीन सितंबर को आईआईटी मद्रास को 18 लाख रुपये की राशि स्वीकृत कर भेज दी है। आईआईटी मद्रास की तकनीकी टीम पांच नवंबर से आधुनिक उपकरणों के साथ मंदिर परिसर में अपना मुख्य सर्वे अभियान शुरू करेगी। मंदिर क्षेत्र के डिप्टी कलेक्टर शंभू शरण ने बताया कि आने वाली पीढि़यों के लिए कैसे सुरक्षित मंदिर दे सकें वैज्ञानिक इस पर काम करेंगे।
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