टीम अपने सटीक तालमेल और सामूहिक उड़ान कौशल के लिए जानी जाती है। हवा में एक साथ कई हेलिकॉप्टरों की नियंत्रित गतिविधियां दर्शकों को रोमांचित करने के साथ ही वायुसेना के प्रशिक्षण और दक्षता का परिचय भी कराती हैं। सारंग टीम का प्रदर्शन केवल हवाई करतबों तक सीमित नहीं है। यह स्वदेशी विमानन क्षमता को प्रदर्शित करने और युवाओं को विमानन क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करने का माध्यम भी है।
वायुसेना के राजदूत के रूप में टीम देश-विदेश में भारत की विमानन उपलब्धियों का परिचय देती है। ‘उत्कृष्टता के माध्यम से प्रेरणा’ के आदर्श वाक्य के साथ टीम युवाओं में नई संभावनाओं को तलाशने और ऊंची उड़ान भरने का उत्साह जगाती है।
नमो घाट के पांच किमी दायरे में ड्रोन उड़ाने पर रोक
नमो घाट पर होने वाले एरियल डिस्प्ले को लेकर पुलिस कमिश्नरेट ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। नमो घाट के पांच किलोमीटर के दायरे को अस्थायी रेड जोन घोषित करते हुए ड्रोन समेत सभी प्रकार की मानव रहित विमान प्रणालियों के संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
यह प्रतिबंध 19 अक्तूबर 2026 की रात 12 बजे से प्रभावी होगा। कार्यक्रम के दौरान हवाई क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अनधिकृत हवाई गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय) शिवहरि मीणा ने ड्रोन नियमावली के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक, प्रतिबंधित क्षेत्र में क्वाडकॉप्टर, हेक्साकॉप्टर, रिमोट से संचालित विमान और नैनो, माइक्रो, स्मॉल, मीडियम व लार्ज श्रेणी के ड्रोन उड़ाने की अनुमति नहीं होगी। ड्रोन का परीक्षण करने या किसी अन्य उद्देश्य से उसका इस्तेमाल करने पर भी रोक रहेगी।
फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करने वालों को भी निर्देश : पुलिस कमिश्नरेट ने स्थानीय निवासियों, आमजन, ड्रोन संचालकों, फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी से जुड़े लोगों, मीडिया प्रतिनिधियों और संबंधित संस्थानों से प्रतिबंध का कड़ाई से पालन करने की अपील की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित क्षेत्र में अनधिकृत हवाई गतिविधियां न की जाएं। किसी भी संदिग्ध ड्रोन की गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचना देने की अपील की गई है।