नगर निगम प्रशासन के अनुसार, निगम और जलकल विभाग की टीमें जलभराव वाले स्थानों पर लगातार काम कर रही हैं। महापौर ने कहा कि पिछले दस दिनों से सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों पर नगर निगम को निशाना बनाते हुए जलभराव की भ्रामक तस्वीरें और वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि दर्जनों जलभराव वाले स्थानों की समस्या दूर की जा चुकी है और निचले इलाकों से पंपों के जरिए पानी निकाला जा रहा है।
मामले में जलकल विभाग के जोन-2 के अधिशासी अभियंता ने भेलूपुर थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए तहरीर दी है। तहरीर के मुताबिक शिवाला वार्ड संख्या-75 में कूड़ाघर रत्नाकर पार्क के पास अग्रवाल रेडियो के निकट जलभराव दूर करने के लिए मुख्य सीवर लाइन की सफाई कराई गई। इसी दौरान बड़ी मात्रा में बालू से भरी बोरियां मिलीं। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि मुख्य सीवर लाइन को चोक कर जलकल विभाग और शहर की छवि धूमिल करने की नीयत से यह कृत्य किया गया।
नगर निगम अब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने भी मामले में अवांछनीय तत्वों के शामिल होने की आशंका जताई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सीवर लाइन या सरकारी संपत्ति से छेड़छाड़ करते किसी व्यक्ति को देखने पर तत्काल नगर निगम को सूचना दें।
निरीक्षण के दौरान उपसभापति नरसिंह दास, पार्षद सुरेश चौरसिया, चंद्रनाथ मुखर्जी, मदनमोहन तिवारी, विजय द्विवेदी, महेंद्र पटेल, इंद्रदेव सिंह, मनीष गुप्ता, सोमनाथ यादव, अक्षयवर सिंह, अतुल पांडेय, रविंद्र कुमार सिंह, जलकल महाप्रबंधक अनूप सिंह और सचिव सुधीर वर्मा समेत अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।