स्कार्पियो भी पलटी, भीड़ ने फूंक दिया वाहन
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यूपी के मऊ जिले में मंगलवार को दर्दनाक सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई वहीं 11 लोग घायल हो गए। सुरहुरपुर गांव के पास मंगलवार सुबह 11 बजे चालक के मोबाइल फोन पर बात करने से बेकाबू स्कार्पियो सड़क किनारे खड़े लोगों को कुचलते हुए गड्ढे में पलट गई। हादसे में बच्ची सहित तीन की मौत हो गई, जबकि चालक समेत 11 लोग घायल हो गए।
हादसे से गुस्साए लोगों ने स्कार्पियो में आग लगाकर सड़क जाम कर दी और मुआवजे की मांग की। उपजिलाधिकारी मुहम्मदाबाद गोहना अतुल वत्स के आश्वासन पर दो घंटे बाद जाम समाप्त हुआ। पुलिस ने चालक को हिरासत में ले लिया। मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली क्षेत्र के भीरा गांव निवासी अशफाक अहमद (50) की रिश्तेदारी में शादी थी।
वह स्कार्पियो से परिवार के साथ आजमगढ़ के देवगांव बाजार जा रहे थे। सुरहुरपुर गांव के पास चालक अवधेश के मोबाइल पर फोन आ गया और वह बात करने लगा। इसी दौरान स्कार्पियो बेकाबू हो गई और सड़क किनारे खड़े लोगों को रौंदते हुए गड्ढे में पलट गई।
इससे सड़क पर खड़ी श्यामा देवी (55) पत्नी वीरेंद्र चौहान, नेहा ( 20) पत्नी अनूप गौड़ निवासी सुरहुरपुर, श्यामा देवी की नातिन चांदनी (5) पुत्री पवन चौहान निवासी ठकुरमनपुर की मौत हो गई। मंजू चौहान, चंद्रकला, आशा, पुष्पा और स्कार्पियो सवार अशफाक, एहसान, फहद, हमीरा, शहनाज, शाहिदा और स्कार्पियो चालक अवधेश घायल हो गए। लोगों ने घायलों को सीएचसी पहुंचाया। उधर, हादसे से गुस्साई भीड़ ने स्कार्पियो में आग लगाकर दो घंटे सड़क जाम कर दिया।
एक कॉल ने रोक दी तीन जिंदगी की रफ्तार
शव को सड़क पर रख कर किया जाम
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मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली क्षेत्र के सुरहुरपुर गांव के सामने स्कार्पियो चालक के मोबाइल पर आई कॉल, वाहन में सवार ही नहीं बाहर सड़क पर खड़े लोगों के लिए काल बन गई। हादसे में दो परिवारों से तीन लोगों की मौत और चार लोग घायल हो गए। हादसे का कारण बना चालक की छोटी सी लापरवाही, जिसने फोन आने पर वाहन को रोककर बात करने की बजाय गाड़ी चलाते हुए कॉल रिसीव कर लिया। हादसे के शिकार परिवारों के घरों में चीख पुकार मचा थी।
हादसे के बाद लोग एक ही सवाल कर रहे कि यातायात माह में पुलिस सो रही और वाहनों के चालक बेलगाम हैं। स्कार्पियों की चपेट में आकर घायल मंजू 25 पत्नी पवन चौहान और मृत चांदनी पांच पुत्री पवन चौहान मूलरुप से सरायलखंसी थाने के ठकुरमनपुर गांव की रहने वाली थी। बीते दिनों मंजू अपनी पांच वर्षीय पुत्री चांदनी को लेकर अपने मायके सुरहुरपुर गांव गई थी।
मंगलवार को मंजू पुत्री चांदनी और मां श्यामा देवी 55 पत्नी मेवा के साथ आजमगढ़ जिले के मुबारकपुर में रहने वाले बीमार रिश्तेदार को देखने के मायके से निकली थी। वहीं, मृत नेहा 20 पत्नी अनूप गौंड़ अपने परिवार की सलामती और खुशहाली के लिए सास और ननदों के साथ रानीपुर थाना क्षेत्र में मौजूद देईया माई के थान पर जा रही थी। जबकि घायल स्कार्पियों सवार अशफाक, एहसान, फहद, हमीरा आदि भी शादी की खुशी में शामिल होने के लिए घर से निकले थे।
उन्हें क्या पता था कि चालक की मोबाइल पर काल आने के बाद उनकी खुशियों पर ग्रहण लग जाएगा। स्कार्पियों के घायलों ने करहा बाजार में प्राथमिक इलाज कराया। जबकि घायल पुष्पा, मंजू और आशा की हालत गंभीर देख डाक्टरों ने जिला अस्पताल भेजा। सदर अस्पताल के डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी दशा गंभीर देख उन्हे वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। सूत्रों से पता चला कि सभी घायलों को आजमगढ़ स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
चालक के विरूद्घ दर्ज कराई रिपोर्ट
सुरहुरपुर गांव के पास मंगलवार की सुबह हुई दुर्घटना के बाबत मृत नेहा के ससुर झारखंडी गौड़ ने देर शाम को मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें झारखंडी ने स्कार्पियों चालक अवधेश यादव पुत्र बेचू यादव को नामजद कर उस पर लापरवाही पूर्वक वाहन चलाकर तीन को मृत करने का आरोप लगाया है। नामजद चालक मुहम्माबाद गोहना कोतवाली क्षेत्र के भुअलीपुर गांव का निवासी है।