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वाराणसी: फर्जी अंगूठा लगवा कर हड़पी संपत्ति, पांच रिश्तेदार समेत अस्पताल कर्मियों पर केस; पत्नी ने लगाई गुहार

Mon, 05 Oct 2026 11:45 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी में पति का फर्जी अंगूठा लगवाकर संपत्ति हड़पने के आरोप में पुलिस ने पांच रिश्तेदारों समेत अस्पताल कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। शिकायत के अनुसार, पति के इलाज के दौरान कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर संपत्ति पर कब्जा करने का प्रयास किया गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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भेलूपुर थाना क्षेत्र का मामला। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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भेलूपुर स्थित ओरियाना अस्पताल में भर्ती पति का अंगूठा लगाकर संपत्ति हड़पने मामले में भेलूपुर थाने में कोर्ट के आदेश पर शशांक यादव, आलोक यादव, सुधा यादव, संध्या यादव, मीरा यादव और अस्पताल कर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज की है। जैतपुरा थाना क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता सरोज ने कोर्ट में अपने अधिवक्ता के माध्यम से प्रार्थना पत्र दिया।

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आरोप लगाया कि दिवंगत पति अरुण सिंह यादव ने वर्ष 2012 में सारनाथ वार्ड के कुंती बिहार कॉलोनी में जमीन खरीदी थी और उस पर बैंक से लोन लेकर अपना घर बनाया था। पति क्रॉनिक लिवर बीमारी से पीड़ित थे और उनका इलाज रविंद्रपुरी स्थित ओरियाना हॉस्पिटल में चल रहा था। 19 नवंबर 2024 को स्थिति गंभीर होने पर उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने मरीज की हालत बेहद नाजुक बताते हुए उन्हें उच्च इलाज के लिए दिल्ली के आकाश अस्पताल रेफर करने की सलाह दी।

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27 नवंबर 2024 को पीड़िता अपनी नाबालिग बेटी आराध्या के साथ अस्पताल से घर आई थी। अस्पताल में मरीज के भाई, बहन और भांजा मौजूद थे। पीड़िता का आरोप है कि पति के अचेत होने और उनकी अनुपस्थिति का फायदा उठाते हुए परिजनों ने ओरियाना अस्पताल के कर्मचारियों को अपनी साजिश में शामिल किया। पति पढ़े-लिखे थे और हमेशा हस्ताक्षर करते थे, कभी अंगूठा नहीं लगाते थे। इसके बावजूद आरोपियों ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर मरीज का फर्जी अंगूठा लगवाया और उनकी करोड़ों की संपत्ति का फर्जी बैनामा पंजीकृत करा लिया।

2 दिसंबर 2024 को दिल्ली के आकाश अस्पताल में इलाज के दौरान अरुण सिंह यादव की मौत हो गई। अंतिम संस्कार के बाद जब पीड़िता 27 मार्च 2025 को अपने घर पर थी, तब आरोपी दबंगई से घर में घुस आए, उनके साथ मारपीट की और धमकी दी कि जमीन का बैनामा उनके नाम हो चुका है, इसलिए वे घर खाली कर दें। एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने बताया कि दुर्गाकुंड चौकी इंचार्ज संदीप सिंह को विवेचना सौंपी गई है।
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