सोमवार को नोएडा से डॉक्टर दंपती सुनित्री सिंह और परीक्षित चौहान परिवार के चार सदस्यों के साथ बाबा दरबार में दर्शन करने आए थे। दर्शन के लिए कंट्रोल रूम के नीचे परिवार के लोग लाइन में लगे हुए थे। साथ में छोटा बच्चा भी था। बच्चा भूख से रोने लगा। इस पर डॉ. सुनित्री सिंह कंट्रोल रूम के बाहर रखी कुर्सी पर बैठ कर बच्चे को दूध पिलाने लगीं।
इसी दौरान वहां एक सिपाही पहुंचा और उन्हें भगाने लगा। बोला हमारे अधिकारी आने वाले हैं। डॉ. सिंह के दो मिनट रुकने की बात कहने पर पुलिसकर्मी बहस करने लगा। यही नहीं हद तो तब हो गई, जब वह महिला का वीडियो बनाने लगा।
इससे नाराज महिला रोने लगी और कहा कि यह कोई जुर्म है। इसके बाद भी पुलिसकर्मी के नहीं मानने पर महिला ने उसका मोबाइल छीन लिया। इसके बाद वह परिवार के साथ सीईओ कार्यालय पहुंचीं और शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की।
मंदिर के सीईओ विशाल सिंह ने संबंधित पुलिसकर्मी को आगे से ऐसी गलती न करने की हिदायत दी। उन्होंने बताया कि पीड़ित श्रद्घालु की शिकायत पर इस घटना की जांच के लिए एसएसपी को पत्र भेजकर जांच के कहा गया है। इसके अलावा एक महिला अधिकारी की तैनाती कर दी गई है, साथ ही उसके प्रचार प्रसार के लिए सभी रास्तों और गलियों में फ्लैक्स लगवाए जाएंगे।