बता दें कि रिटायर्ड फौजी पर बदमाशों ने तीन से चार राउंड गोली मारी। एक गोली उनके दाहिने हाथ में लगी थी। आनन फानन उन्हें अस्पताल भेजा गया जहां रिटायर्ड फौजी संतोष पाल स्वस्थ हो गए। पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए बताया कि विवेचना में पता चला कि गजोखर गांव के ही अनिल सिंह से संतोष पाल की रंजिश चल रही थी। जिसमें मुकदमा चल रहा है। इसके अलावा गांव के ही मणिशंकर मिश्रा से भी नाली को लेकर विवाद है।
सीओ अभिषेक पांडेय के अनुसार गिरफ्तार ऋतुराज ने बताया कि उसके पिता के खिलाफ संतोष ने मुकदमा दर्ज कराया है। आपस में बैठक कई बार सुलह के लिए प्रयास किया गया लेकिन वह नहीं माने। मुकदमेबाजी में अब सजा होना लगभग तय है। वहीं रिटायर्ड फौजी संतोष पाल का गांव के ही मणिशंकर मिश्रा से नाली का विवाद है। दोनों ने मिलकर संतोष की हत्या की साजिश रची थी।
ऋतुराज के दोस्त घोसी के पलिया निवासी चंदन राय ने आजमगढ़ के जियनपुर थाना के भरौली निवासी शूटर अश्वनी चौहान से सौदा पक्का कराया। अश्वनी ने संतोष पाल को ठिकाने लगाने के लिए एक लाख रुपये की मांग की। सुपारी की आधी रकम एडवांस के तौर पर दी गई। ऋतुराज ने बताया कि 31 मई की रात सत्यम, चंदन और अश्वनी उसके घर आए। एक जून की सुबह खेत में गोबर डालकर संतोष घर आ रहे थे तो इसकी सूचना अश्वनी और सत्यम को दी गई। इसके बाद सत्यम ने रिटायर्ड फौजी संतोष पाल पर कई राउंड फायरिंग की लेकिन वह बच गया।