बनारस में एक के बाद एक पांच लोगों की हत्या हुई, लेकिन पुलिस खानापूर्ति में ही उलझी रही। ‘वर्कआउट’ का दावा किया जाता रहा और समय बीतता गया। नतीजा, पांचों हत्याओं की गुत्थी अनसुलझी ही रह गई।
गंभीर अपराधों में पुलिस की हद दर्जे की लापरवाही बदमाशों के हौसले बढ़ा रही है। पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह स्थिति जिले की कानून व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है। हत्या के प्रयास के मामले में भी जिले की पुलिस कुछ खास नहीं कर पा रही है।
बताते चलें कि बीते 19 सितंबर को लंका थाना के करौंदी क्षेत्र में प्रापर्टी डीलर नीतू त्रिपाठी और उनके वाहन चालक पर बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग की। 22 नवंबर की रात अधिवक्ता अभिनव त्रिपाठी को गोली मार कर हत्या की कोशिश की गई। इन दोनों प्रकरणों में पुलिस के हाथ खाली है और सारी कार्रवाई जल्द खुलासे के वादे तक सीमित है।
एसएसपी आनंद कुलकर्णी का कहना है कि वारदातों का खुलासा करने के लिए थानाध्यक्षों को हमेशा ताकीद की जाती रहती है। कुछ मामलों में अहम सुराग हाथ लगे हैं। जल्द ही सभी वारदातों का खुलासा होगा।
चेतगंज : दुकानदार की हत्या की गुत्थी उलझी
चेतगंज थाना अंतर्गत जगतगंज स्थित फोटोस्टेट दुकान और साइबर कैफे के संचालक सतीश राय की 25 अक्तूबर की रात गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। एक महीने बीत गए, हत्यारोपियों की गिरफ्तारी या उन्हें चिह्नित करना तो बड़ी बात है, पुलिस अभी तक वारदात की वजह का भी पता नहीं लगा सकी है।
मंडुवाडीह : वृद्धा की हत्या बनी अबूझ पहेली
मंडुवाडीह थाना अंतर्गत लहरतारा स्थित पसियाना गली में रहने वाली वृद्धा मुन्नी देवी की 26 अक्तूबर की रात गला दबा कर हत्या कर दी गई थी। तफ्तीश के दौरान पुलिस ने करीबियों पर ही शक जताया लेकिन दो महीने बीतने को आए अब तक वृद्धा के हत्यारे पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सके हैं।
रोहनिया : चौकीदार की हत्या को भूली पुलिस
रोहनिया थाना अंतर्गत कचनार स्थित श्रद्धा इंटरमीडिएट कॉलेज के दिव्यांग चौकीदारी सुभाष पटेल का सिर कूंच कर 29 सितंबर की रात हत्या कर दी गई थी। इस दौरान स्कूल में तोड़फोड़ कर आग भी लगाई गई थी। लगभग दो माह का समय बीतने को आया लेकिन पुलिस यह बता पाने की स्थिति में नहीं है कि वारदात का खुलासा कब होगा।
चौबेपुर : गेटमैन की हत्या का राज बरकरार
चौबेपुर थाना अंतर्गत राजवारी रेलवे स्टेशन के समीप गेट नंबर सात दुर्गवा के गेटमैन राजकुमार रंजन की आठ जुलाई की रात गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने वारदात की वजह आशनाई का विवाद और पुरानी रंजिश बताई लेकिन साढ़े तीन महीने बाद भी हत्यारे हत्थे नहीं चढ़ सके हैं और पुलिस सिर्फ जल्द खुलासे का दावा करती रहती है।
बड़ागांव : बाबा की हत्या का खुलासा आखिर कब
बड़ागांव थाना अंतर्गत रामसिंहपुर गांव में डीह बाबा मंदिर के समीप 21 अप्रैल 2017 की रात दोई बाबा उर्फ अरुण सिंह की गला रेत कर हत्या कर दी गई थी। डेढ़ साल बाद भी पुलिस दोई बाबा के हत्यारों को न गिरफ्तार कर पाई है और न वारदात की वजह का पता लगा पाई। पीड़ित परिवार आज भी न्याय की आस में अधिकारियों के चक्कर काट रहा है।