बनारस में सोयेपुर जहरीली शराब कांड के मुख्य आरोपी महेश जायसवाल के पिता बचानू जायसवाल (70) की हत्या का राज वाराणसी पुलिस ने हफ्ते भर के अंदर पर्दाफाश कर दिया। वृद्ध बचानू की हत्या शराब पीने के लिए पैसा ना देने पर की गई थी।
यह खुलासा करते हुए पुलिस ने शुक्रवार को संदहां निवासी रामपूजन जायसवाल, अशोक राजभर और आजाद सिंह को जेल भेज दिया। मामले में नामजद जत्तन राजभर की भूमिका की जांच की जा रही है। आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त लोहे की रॉड, बांस और बचानू का मोबाइल पुलिस ने बरामद किया है।
संदहां निवासी बचनू का सिर कूच कर एक जुलाई की देर रात हत्या कर दी गई थी। महेश ने राम पूजन सहित दो नामजद और पांच अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा चौबेपुर थाने में दर्ज कराया था।
एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि चौबेपुर थानाध्यक्ष ओम नारायण सिंह ने सर्विलांस और मुखबिर की मदद से तीनों आरोपियों को गुरुवार की देर शाम गिरफ्तार किया।
पूछताछ में सामने आया कि बचनू का मकान फोर लेन सड़क की जद में आ गया था तो उसके ध्वस्तीकरण का काम अशोक राजभर ने किया था। एक जून की रात अशोक और उसका दोस्त आजाद को शराब पीने की इच्छा हुई तो दोनों बचनू के घर की बाउंड्री वॉल फांद कर घुसे और उससे पैसा मांगने लगे।
बचनू ने पैसा नहीं दिया तो कहासुनी हुई और इसी दौरान दोनों ने उसके सिर पर रॉड और बांस के डंडे से हमला कर दिए। बचनू के जमीन पर गिरते ही दोनों उसके कमरे में घुसे और 1500 रुपये व मोबाइल लेकर भाग निकले।
दोनों ने बताया कि जमीन विवाद की पुरानी रंजिश में राम पूजन उन्हें बचनू के खिलाफ हमेशा उकसाता रहता था। ठीक बगल का पड़ोसी होने के कारण रामपूजन को घटना की जानकारी थी और दोनों ने उसे बताया भी था कि बचनू की हत्या कर दी गई है। इसी वजह से रामपूजन ने पुलिस को घटना की सूचना नहीं दी और वारदात के बाद भूमिगत हो गया था।