बृहस्पतिवार दोपहर वह ट्रैक्टर से अपने खेत की जुताई कर रहे थे। इसी दौरान पड़ोसी विक्की के खेत की मेड़ कट गई। इसे लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। पड़ोसी ने फोन करके पुलिस बुला ली। गुड्डू ने दुबारा मेड़ बनाने की बात कही, लेकिन पड़ोसी विवाद करता रहा।
इस पर पीआरवी गुड्डू को बड़ागांव थाने लेकर चली गई। आरोप है कि थाने में पुलिस ने उनका मोबाइल स्विच ऑफ करा दिया। इसके बाद पुलिस कर्मियों ने डंडे से बेरहमी से पीटा। फिर शांतिभंग के आरोप में चालान कर दिया। देर शाम छूटने के बाद पीड़ित ने आपबीती सेना में तैनात भाई और बहन सुमन को बताई।
खिलाड़ी बनाने में भाई के योगदान को याद कर और चोट की तस्वीर देखकर सुमन की आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने इसकी शिकायत एसएसपी से की। एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि एसआई अतुल मिश्रा और सिपाही अंशुमान सिंह को लाइन हाजिर कर दोनों के खिलाफ जांच का आदेश दिया गया है।
उधर, क्षेत्र के लोगों का कहना था कि पुलिस ने सही नहीं किया है। पीड़ित की मां थाने गईं तो उन्हें मिलने नहीं दिया। मारपीट के आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हर हाल में कड़ी कार्रवाई कर जनता को सही संदेश देना चाहिए।
खिलाड़ी और फौजी के भाई के साथ मारपीट की लोगों ने सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक निंदा की। पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता अजय राय ने कहा कि देश के लिए समर्पित ऐसे परिवार को सम्मान देने के बजाय उन्हें प्रताड़ित कर मनोबल गिराना शर्मनाक है।
सपा नेता मनोज राय धूपचंडी ने कहा कि आखिर इस सरकार में पुलिस कर क्या रही है। मासूम लोगों पर इस तरह का पुलिसिया अत्याचार समझ से परे है। इसी तरह से कई अन्य सोशल मीडिया यूजर्स ने भी पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताई।