फर्जी सिम कार्ड और बार-बार बदले गए मोबाइल उपकरणों का प्रयोग करते थे। एडीसीपी नीतू और एसीपी साइबर अपराध विदुष सक्सेना ने बताया कि आरोपी धोखाधड़ी की रकम को विभिन्न वॉलेट से किराये पर फैसिलिटी का लाभ लेकर बैंक खातों में ट्रांसफर कराते थे। कार्ड से सीधे पेमेंट कर ऑनलाइन खरीददारी करते थे। जांच में सामने आया कि लगभग 50 लाख रुपये की साइबर ठगी की गई है।
एसीपी ने बताया कि पुरुषोत्तम के खिलाफ लखनऊ पूर्वी साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज है। टुनटुन के खिलाफ देवघर के साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज है।
तुरंत करें शिकायत
एसीपी साइबर विदुष सक्सेना ने अपील किया कि किसी भी अज्ञात लिंक/एपीके फाइल को इंस्टॉल न करें। ओटीपी, कार्ड विवरण किसी से साझा न करें। साइबर अपराध की सूचना तत्काल 1930 हेल्पलाइन अथवा
www.cybercrime.gov.in पर दें।