एक लाख से अधिक भवन स्वामियों ने अब तक संपत्ति कर नहीं दिया है। इस पर अब नगर निगम ने सख्ती दिखाई है। बकायेदारों को नोटिस भी दिया जा चुका है। फिर भी कर जमा नहीं किया गया। निगम ने एक महीने में 1264 बड़े बकायेदारों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की। साथ ही कुर्की की कार्रवाई की। हालांकि, कार्रवाई के बाद भवन स्वामी टैक्स जमा कर रहे हैं।
नगर निगम स्वर्णिम छूट योजना के तहत 31 मार्च तक जलकर और सीवर कर के पुराने व्याज पर शत-प्रतिशत छूट की घोषणा की गई है। ऐसे में 35 दिनों के बाद भवन स्वामियों को व्याज सहित टैक्स जमा करना होगा। शहर में कुल 2,33,708 भवन गृहकर, जलकर व सीवर कर के दायरे में हैं। इन भवनों पर 434.65 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया है। वर्तमान वित्तीय वर्ष (2025-26) में कुल 225.05 करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य रखा गया है।
अब तक 142.59 करोड़ रुपये की वसूली की गई है, जो कि कुल लक्ष्य का 63.36 प्रतिशत है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने मंगलवार को जोनवार टैक्स वसूली की समीक्षा की। अधिकारियों को वित्तीय वर्ष खत्म होने से पहले गृहकर और जलकल की वसूली के लिए अभियान तेज करने का निर्देश दिया हैं। कहा कि 31 मार्च तक टैक्स जमा न करने वाले भवन स्वामियों को अगले वित्तीय वर्ष में किसी भी प्रकार की छूट नहीं मिलेगी। उनसे व्याज के साथ वसूली की जाएगी।