श्रेया उपाध्याय की फाइल फोटो
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कैब ड्राइवर के जरिये पुलिस के हाथ लगा सुराग
राजातालाब पुलिस ने टैक्सी का पता लगाया और मिर्जापुर के रहने वाले कैब ड्राइवर से पूछताछ की। इसके बाद पुनीत का मोबाइल नंबर मिला। सीडीआर, आईपीडीआर और लोकेशन ट्रैकिंग से आरोपी की पहचान पुनीत मिश्रा के रूप में हुई। उसकी लोकेशन घटनास्थल और उसके मामा के घर (चुनार) के पास पाई गई। इस बीच पुलिस को भनक लगी कि पुनीत मिर्जापुर से जक्खिनी आ रहा है।
टीम ने जमुनीपुर तिराहा के पास चेकिंग शुरू की। एक संदिग्ध बाइक सवार पुलिस टीम को देखकर भागने लगा। टीम ने पीछा किया तो रमईपुर भट्ठा के पास रास्ता खराब होने के कारण बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में पुनीत के दाहिने पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार किया गया।
श्रेया उपाध्याय 18 अगस्त को जगतपुर महाविद्यालय रोहनिया जाने के दौरान लापता हो गई थी। राजातालाब थाने में गुमशुदगी दर्ज हुई थी। परिजनों की तहरीर पर चोलापुर थाना क्षेत्र के नियारडीह निवासी विवेक पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। विवेक तीन साल से चुनार सीखड़ के भुआलपुर में ननिहाल में रहता था।
श्रेया उपाध्याय की हत्या का आरोपी विवेक
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विवेक की गिरफ्तारी के लिए बिहार तक दबिश
क्राइम ब्रांच की छानबीन में सामने आया कि वारदात को अंजाम देने के बाद विवेक ननिहाल गया और फिर वहीं से हाईवे होकर बिहार की ओर भागा। पुलिस की टीमें उसके पीछे लगी हैं।
सांस थमने तक कमरे में ही थे दोनों आरोपी
श्रेया उपाध्याय की हत्या में गिरफ्तार पुनीत मिश्रा का पुलिस आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। वारदात के दिन विवेक ने श्रेया के हाथ पकड़े और पुनीत ने चाकू से गला रेता था। श्रेया के छटपटाने और सांस थमने तक दोनों कमरे में ही थे। 20 मिनट में हत्या के बाद कमरे से पहले विवेक निकला और फिर बाद में पुनीत कैब बुक कर वहां से गया। विवेक ने पुनीत को आश्वस्त किया था कि वह रुपये से भरा बैग लेकर आ रहा है। 20 मिनट से अधिक समय होने के बाद विवेक का मोबाइल बंद हो गया।