शूटआउट ऐट मॉल : दोहरे हत्याकांड में गिरफ्तार 25 हजार के इनामी रोहित ने बताया वारदात के बारे में
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वाराणसी के कैंटोमेंट स्थित जेएचवी मॉल में अंधाधुंध फायरिंग कर दो को मौत के घाट उतारने के मामले में फरार चार बदमाशों में से एक अभियुक्त पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पकड़ा गया युवक मॉल के अंदर कपड़े के शोरूम में काम करता था। इसने ही मुख्य आरोपी और अन्य को असलहे के साथ बिना चेकिंग के चेकिंग पॉइंट से यही अंदर लेकर गया था।
भभुआ निवासी रोहित सिंह को पुलिस ने शुक्रवार को मीडिया के सामने पेश किया। एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि सीसी कैमरे की फुटेज की मदद से क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह ने आरोपियों को चिह्नित किया।
इसके बाद सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से सारनाथ स्थित तिब्बती संस्थान के समीप से इनामी रोहित सिंह को गिरफ्तार किया। रोहित ने बताया कि काशी विद्यापीठ में पढ़ने के दौरान आलोक से दोस्ती हुई तो दोनों कमरा लेकर निराला नगर में साथ रहने लगे और अब जेएचवी मॉल स्थित कपड़े के एक शोरूम में काम करता है।
प्रेमिका ने उकसाया तो आलोक पिस्टल और शूटर लेकर मॉल आया
काशी विद्यापीठ का छात्र आलोक उपाध्याय अपनी प्रेमिका के उकसाने पर पिस्टल और शूटर साथी लेकर जेएचवी मॉल पहुंचा था। इस दोहरे हत्याकांड में गिरफ्तार आलोक के रूम पार्टनर और मॉल के कपड़ों के शोरूम के कारिंदे रोहित सिंह ने पुलिस पूछताछ में यह खुलासा किया है।
रोहित सिंह के अनुसार मॉल का सेल्समैन प्रशांत अग्रहरि ने आलोक की प्रेमिका की बहन को काम से निकलवा दिया था और उसे परेशान करता था। आलोक जब नदेसर में प्रशांत को धमकाने गया तो प्रशांत ने उसकी पिटाई कर दी थी। इस पर आलोक की प्रेमिका ने उसे धिक्कारते हुए प्रशांत से बदला लेने के लिए उकसाया था।
रोहित ने बताया कि इसके बाद कमरे में आकर ठहरने वाले ऋषभ, कुंदन और उसके साथ आलोक ने प्रशांत को सबक सिखाने की योजना बनाई। प्लान के अनुसार रोहित पिस्टल से लैस आलोक और दो अन्य को सिक्योरिटी गार्ड्स से चेक कराए बिना मॉल के मेन गेट से लेकर घुसा।
प्रशांत के न मिलने पर प्यूमा शोरूम के कर्मचारियों को आलोक ने धमकाया लेकिन कोई डरा नहीं तो उसने पिस्टल निकाल ली। इस पर शोरूम के कर्मचारी उसे पीटने लगे तो ऋषभ और कुंदन ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद सभी पीछे के गेट से भाग निकले। रोहित ने बताया कि आलोक और तीन साथी भाग निकले और वो सारनाथ में एक दोस्त यहां छुपा था। बिहार जाने की तैयारी थी लेकिन इससे पहले ही पकड़ा गया।
करेंगे रासुका की कार्रवाई, पुलिस टीम को पुरस्कार
एसएसपी ने बताया कि 25 हजार के इनामी आलोक उपाध्याय और उसके तीनों साथियों की गैंग को पंजीकृत किया जाएगा। इसके साथ ही चारों आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई की जाएगी। वहीं, एसपी क्राइम ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद के नेतृत्व में रोहित को गिरफ्तार करने वाले क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह, एसआई आशीष मिश्रा, हेड कांस्टेबल सुमंत सिंह, रामभवन यादव, सुरेंद्र मौर्य, घनश्याम वर्मा, श्यामलाल गुप्ता, रामबाबू, चंद्रसेन सिंह, कुलदीप सिंह, सुनील राय, रामानंद यादव और धर्मदेव चौहान को आईजी रेंज और एडीजी जोन से पुरस्कृत कराने के लिए संस्तुति की जाएगी।
मुआवजे और नौकरी के लिए जेएचवी मॉल में प्रदर्शन
फायरिंग में जान गंवाने वाले गोपी कन्नौजिया और सुनील कुमार गौड़ के परिजनों ने शुक्रवार को छावनी क्षेत्र स्थित जेएचवी मॉल के गेट पर पहुंच कर प्रदर्शन किया। उन्होंने मांग की कि मॉल प्रबंधन और शोरूम की ओर से उन्हें 50-50 लाख मुआवजा दिया जाए। इस दौरान मौके पर मौजूद कैंट पुलिस ने आक्रोशित लोगों को समझाबुझाकर शांत कराया।
मॉल के प्रशासनिक अधिकारी सुमित कुमार ने आश्वस्त किया कि प्रबंधन और दोनों शोरूम की कंपनियों से बात कर दो दिन में दोनों परिवारों की हरसंभव मदद की जाएगी। इसके बाद गोपी और सुनील के परिजन वापस लौट गए।
जेएचवी मॉल में फायरिंग में दो लोगों की हत्या के बाद शुक्रवार की सुबह शोरूम खुलने शुरू ही हुए थे कि गोपी और सुनील के परिजन व उनके करीबी भारी संख्या में पहुंच गए। सभी नारेबाजी करने के साथ ही मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग करने लगे। कहना था कि गोपी और सुनील मॉल में काम करते थे।
दोनों की नृशंस तरीके से हत्या की गई लेकिन उनके शोरूम और मॉल की ओर से कोई भी सांत्वना देने तक नहीं आया। यदि मॉल प्रबंधन की ओर से सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की गई होती तो गोपी और सुनील की जान नहीं जाती।
गोपी और सुनील के परिजनों को मॉल प्रबंधन और पुलिस ने समझाबुझाकर शांत कराया और हरसंभव मदद का आश्वासन देकर घर भेजा। दोनों के परिजनों ने चेताया है कि यदि मॉल प्रबंधन और शोरूम कंपनियों की ओर से मदद नहीं की गई तो सभी सड़क पर उतर कर बड़े पैमाने पर आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
शोरूम खुले लेकिन चहल-पहल नहीं दिखी
फायरिंग और डबल मर्डर की वारदात के लगभग 40 घंटे बाद शुक्रवार सुबह 10 बजे से जेएचवी मॉल स्थित शोरूम और मल्टीप्लेक्स को आमजन के लिए खोल दिया गया। हालांकि मॉल में पहले की भांति खासी चहल-पहल नहीं दिखी। इस दौरान जो भी लोग मॉल आए वो भूतल स्थित कपड़ों के उन दो शोरूम तक जरूर जा रहे थे जहां विवाद और फिर फायरिंग कर दो लोगों की हत्या की गई थी। इस दौरान मॉल के बाहर कैंट थाने की जीप के साथ पुलिसकर्मी, वज्र वाहन और पीएसी तैनात रही। शोरूम मालिकों का कहना था कि दोहरे हत्याकांड के कारण बुधवार शाम से उनके प्रतिष्ठान बंद हैं। त्योहारी सीजन में अच्छी खरीदारी होती है लेकिन फायरिंग की वारदात ने उनका धंधा मंदा कर दिया है।
कांग्रेस ने बढ़ते अपराधों पर आंदोलन की चेतावनी दी
बनारस समेत प्रदेश में बढ़ती वारदातों पर कांग्रेसियों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। शुक्रवार को कांग्रेस के पूर्व विधायक अजय राय और जिलाध्यक्ष प्रजानाथ शर्मा के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने बुधवार को जेएचवा मॉल में मारे गए लोगों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस भी बधाया। पीड़ितों को मुआवजा और उनके आश्रितों को सरकारी नौकरी, बच्चों को मुफ्त शिक्षा की मांग करते हुए कहा कि अगर दस दिन में मांगें पूरी नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
पूर्व विधायक ने कहा कि एक महीने में 14 घटनाएं हुई हैं। मुख्यमंत्री का लगातार काशी दौरा हो रहा है। बावजूद इसके प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में शासन-प्रशासन की लापरवाही पर सवाल खड़ा करता है। इस दौरान राघवेंद्र चौबे, मनीष चौबे, शैलेंद्र सिंह, दिलीप चौबे, मयंक चौबे, प्रमोद सोनकर, परवेज खां, ,महेश चौबे, विनीत, तन्मय, प्रीतम सिंह आदि लोग उपस्थित रहे।