महिला वर्ल्ड कप के रोमांचक फाइनल मुकाबले में रविवार को भारतीय महिला टीम की हार से वाराणसी के खिलाड़ियों में निराशा है। उनका कहना है कि महिला टीम ने बेहतर प्रदर्शन किया और अंत तक अपनी लड़ाई जारी रखी।
क्रिकेट खिलाड़ी संदीप, मयूरेश, प्रशांत और दीपक का कहना है कि भारतीय टीम इंग्लैंड पर हावी थी लेकिन पूनम राउत के आउट होने के बाद भारत के विकेट जल्दी जल्दी गिर गए। दोपहर बाद से ही लोग मैच देखने के लिए टेलीविजन सेट से चिपक गए थे।
सिगरा की क्रिकेटर रागिनी ने बताया कि पूनम उसकी फेवरिट खिलाड़ी हैं और उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया था। भारतीय टीम इस मैच में इंग्लैंड पर हावी थी लेकिन पूनम राउत 86 के आउट होने के बाद भारत के विकेट जल्दी-जल्दी गिर गए और भारत की टीम 219 पर ऑल आउट हो गई।
इंग्लैंड ने भारत को 9 रन से मात देकर खिताब पर एक बार फिर अपना कब्जा जमा लिया। यह दूसरी बार है जब भारत की टीम वर्ल्ड कप फाइनल में हारी है। इससे पहले 2005 में टीम इंडिया वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में हारी थी।
इस तरह इंग्लैंड ने चौथी बार वर्ल्ड कप खिताब पर अपना कब्जा जमाया। इंग्लैंड की तेज गेंदबाज आन्या शर्बसोल ने इस मैच का रुख पूरी तरह से मोड़ दिया। उन्होंने इस मैच में 6 विकेट हासिल किए। भारत ने अपने अंतिम 7 विकेट 28 रन के अंतराल पर गंवा दिए।
इससे पहले 229 रन के टारगेट का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। भारत का स्कोर 5 रन ही था कि स्मृति मंधाना 0 खाता खोले बगैर पविलियन लौट गईं। इसके बाद पूनम राउत ने कैप्टन मिताली राज के साथ पारी को संभाला।
लेकिन जब भारत का स्कोर 43 रन थाए उस वक्त रन चुराने के प्रयास में कैप्टन मिताली राज 17 रन आउट हो गईं। इसके बाद स्टार बल्लेबाज हरमनप्रीत कौर ने पूनम के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाया। दोनों बल्लेबाजों ने अपना अनुभव झोंकते हुए तीसरे विकेट के लिए मिलकर 95 रन जोड़े।