निकाय चुनाव की सूची से हजारों की संख्या में नाम हुए गायब
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चुनाव आयोग का शत प्रतिशत मतदान का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। इसके लिए सरकारी विभाग की लापरवाही पूरी तरह से जिम्मेदार है। इस लापरवाही के कारण कई लोगों का वोट डालने का जोश ठंडा हो गया। रविवार को निकाय चुनाव में मतदान के दौरान शहर के कई वार्डों पर मतदाता सूची से नाम कटने के कारण काफी लोग मतदान नहीं कर सके।
मतदाता सूची में गड़बड़ी की स्थिति यह थी कि जिंदा लोगों के नाम गायब थे और मृतकों का नाम सूची में था। मतदाता सूची में गड़बड़ी की शिकायत ज्यादातर जगहों पर मिली। घर के कुछ सदस्यों का नाम सूची में थे तो कुछ के गायब थे।
कहीं-कहीं पूरा परिवार का नाम ही वोटर लिस्ट में नहीं था। स्थानीय लोगों का कहना था कि राज्यमंत्री का नाम सूची से हटा था तो बीएलओ को निलंबित कर दिया गया लेकिन हम लोगों का नाम कट गया है इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कब कार्रवाई होगी।
मतदाता सूची को ठीक करने की जिम्मेदारी बीएलओ को सौंपी गई थी। बीएलओ ने घरों पर जाकर सूची का सत्यापन किया था लेकिन जब बूथ पर वोटर पहुंचे तो पता चला कि सूची में उनका नाम नहीं है।
इसको लेकर वोटरों और कर्मचारियों में नोकझोंक भी हुई। केंद्रीय विद्यालय के रिटायर्ड प्राचार्य जेपी यादव और उनके पूरे परिवार का भी नाम वोटर लिस्ट से गायब था। उन्होंने बताया कि वह सुंदरपुर के गांधीनगर एक्सटेंशन में रहते हैं। विधानसभा चुनाव में मतदान किया था लेकिन निकाय चुनाव में उनका नाम ही गायब था।