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निकाय चुनावः वोटिंग में डॉक्टर-इंजीनियर-प्रोफेसर पीछे, कम पढ़े-लिखे रहे सबसे आगे

Mon, 27 Nov 2017 01:11 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
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नगर निगम के मतदाताओं पर नगर पंचायत गंगापुर के मतदाता पड़े भारी - फोटो : अमर उजाला
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गली-गली, घर-घर उम्मीदवारों के संपर्क, जन सुविधाओं को लेकर राजनीतिक दलों के लुभावने वादों और चुनाव आयोग के जागरूकता अभियानों के बावजूद पढ़े-लिखे लोगों की निकाय चुनाव में उत्साहजनक भागीदारी नहीं दिखी। साक्षरता के लिहाज से निगम, पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों में हुए मतदान की तुलना करें, तो पढ़े-लिखों की अच्छी खासी तादाद वाले इलाके वोटिंग में फिसड्डी रहे।
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महामना की कर्मस्थली शिक्षा के मंदिर बीएचयू के बूथों पर वोटिंग का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। उच्च साक्षरता दर वाले वाराणसी नगर निगम में पिछले निकाय चुनाव के मुकाबले मत प्रतिशत में इजाफा तो हुआ लेकिन 55 फीसदी मतदाता घरों से नहीं निकले। जबकि महज 55 फीसदी साक्षरता दर वाले गंगापुर नगर पंचायत में वोटों की जमकर बारिश हुई। सर्वाधिक साक्षरता दर वाली रामनगर पालिका में भी 45 फीसदी से अधिक मतदाता बूथों पर नहीं पहुंचे। 

77 फीसदी साक्षरता दर वाले वाराणसी नगर निगम में रविवार को सिर्फ 43.90 फीसदी वोट पड़े। यहां चुनाव आयोग की मतदान में बढ़ चढ़कर भागीदारी करने के लिए गली-चौराहों, घाटों पर कराए गए नुक्कड़ नाटकों, गीत-गवनई कराने के अलावा अन्य कवायदों का असर नहीं दिखा। रामनगर पालिका की साक्षरता दर 79.9 फीसदी है। बावजूद इसके यहां सिर्फ 54.73 फीसदी ही वोटर घरों से निकल सके। जबकि इसके विपरीत महज 55.1 फीसदी सारक्षरता दर वाली गंगापुर नगर पंचायत में बूथों पर वोटों की जमकर बरसात हुई। इस नगर पंचायत में 78.56 फीसदी वोट पड़े हैं। इस आधार पर कहा जा सकता है कि कम पढ़े-लिखे लोग मताधिकार के प्रयोग के प्रति अधिक जागरूक दिखे।  
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इसकी सबसे दिलचस्प बानगी काशी हिंदू विश्वविद्यालय में दिखी। यहां मतदान की रफ्तार बेहद सुस्त रही। चुनाव आयोग की तमाम कोशिशों के बाद भी शिक्षा के मंदिर से मतदाता नहीं निकले। बीएचयू के लिए बनाए गए मतदान केंद्रों पर मतदान कर्मी सुबह से दोपहर तक मतदाताओं का इंतजार ही करते रहे। बीएचयू के प्रोफेसर, डॉक्टर और कर्मचारी मत देने के लिए बहुत कम संख्या में निकले।

बीएचयू के लिए बनाए गए मतदान केंद्र लाला लाजपत राय पाठशाला सुंदर बगिया में वार्ड संख्या- 29 के बूथ संख्या 350 में 512 मतों में से 84,चतुर्थ श्रेणी के लिए बनाए गए बूथ संख्या -349 पर 1280 मतों में से 236 ही मत पड़े। बूथ संख्या -143 में 975 मतों में से 329 मत, बूथ संख्या 349- में 1280 वोट में से 173 मत और बूथ संख्या 377 -में 781 में से 282 वोट पड़े। यहीं पर वार्ड नं -29 नरिया के लिए बनाए गए बूथ संख्या- 377 पर 781 मत में से 319 मत पड़े।

बीएचयू का मतदान प्रतिशत एक नजर
वोटिंग प्रतिशत
2017 -17.00  प्रतिशत-निकाय चुनाव
2017 - 38.59 प्रतिशत - विधानसभा
2014 - 51.92 प्रतिशत - लोकसभा चुनाव
2012 - 41.13 प्रतिशत - विधानसभा 
 
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धीमी शुरुआत, सुबह दस बजे के बाद बढ़ी मतदान की रफ्तार

कहीं आधे घंटे तो कहीं एक घंटे रुका रहा मतदान - फोटो : अमर उजाला
वरुणापार जोन के मतदान केंद्रों पर मतदान की शुरुआत बेहद धीमी रही लेकिन सुबह दस बजे के बाद मतदाताओं की कतार लगनी शुरू हुई। दोपहर बाद मतदान में और तेजी आई। पन्नालाल चौबे उच्च प्राथमिक विद्यालय में लंबी कतार होने के नाते यहां शाम साढ़े पांच बजे तक वोटिंग हुई।

कोतवाली जोन के मतदान केंद्रों पर कहीं सुबह तो कहीं दोपहर बाद भीड़ उमड़ी। मुस्लिम बहुल मुहल्लों में सुबह मतदान की शुरुआत के साथ ही लोग बूथों पर पहुंचने शुरू हो गए। दिन चढ़ने के साथ मतदान का सिलसिला तेज होता गया। वहीं, अन्य मुहल्लों में दोपहर बाद मतदान में तेजी आई। फिर शाम पांच बजे तक मतदाता पूरे उत्साह के साथ पोलिंग बूथों तक पहुंचे।

दशाश्वमेध जोन के अधिकतर मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की सुस्ती दोपहर बाद टूटी। सुबह से दोपहर 12 बजे तक मतदान की रफ्तार धीमी रहने के कारण एकबारगी सभी प्रमुख दलों के कार्यकर्ता, प्रत्याशी भी बेचैन रहे। मतदाताओं को बूथों तक पहुंचाने के लिए पार्टियों की ओर से गलियों, मुहल्लों में मशक्कत दोपहर बाद और तेज हुई। इसका असर भी मतदान केंद्रों पर दिखा। दोपहर बाद से मतदान में जो तेजी आई वह शाम तक बनी रही। इस दौरान कहीं मतदाता सूची से नाम गायब होने पर हंगामा मचा तो कहीं ईवीएम की खराबी को लेकर।  

भेलूपुर जोन के अलग-अलग वार्डों में मतदान की स्थिति अलग-अलग दिखी। कहीं मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतार लगी नजर आई तो कहीं मतदान कर्मी वोटरों के आने का इंतजार करते देखे गए। जोन के आधा दर्जन से अधिक मुस्लिम बहुल वार्डों में सुबह साढ़े सात बजे मतदान शुरू होने के साथ ही जो कतार लगी, वह शाम पांच बजे तक बनी रही।

आदमपुर जोन के अधिकतर मतदान केंद्रों पर मतदान की शुरुआत के साथ ही लोग पहुंचने शुरू हो गए। घंटे भर के अंदर ही अधिकतर मतदान केंद्रों पर कतार लगी नजर आई। मुस्लिम बहुत मुहल्लों में और भी अधिक उत्साह दिखा। यहां आधा दर्जन से अधिक वार्ड मुस्लिम बहुल हैं। कई पोलिंग बूथों पर मतदाता सूची में नाम न होने की शिकायतें आईं। इससे तमाम लोगों को बिना वोट डाले लौटना पड़ा। 
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