फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नशा मुक्ति केंद्र में युवक की मौत: शरीर पर थे चोट के निशान, परिजन बोले- हत्या हुई है; मां के साथ की थी मारपीट

Fri, 02 Jan 2026 05:07 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: युवक की माैत की सूचना पाकर स्थानीय पुलिस भी पहुंच गई। परिजनों से जानकारी लेने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। परिजनों ने युवक की हत्या का आरोप लगाया है।
विज्ञापन
युवक की फाइल फोटो। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Varanasi Crime: थाना क्षेत्र के परशुरामपुर बुद्धा सिटी कॉलोनी में जन सुधार नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती आदित्य गोस्वामी (27) की शुक्रवार को पिटाई से मौत हो गई। आदित्य के चेहरे, आंख, हाथ, पैर, पेट, पीठ पर चोट के 20 निशान मिले हैं। मां प्रतिभा की तहरीर के आधार सारनाथ थाने की पुलिस ने नशा मुक्ति केंद्र के अज्ञात संचालक के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मां के मुताबिक, सात दिन पहले ही आदित्य को नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया था।
विज्ञापन


शिवपुर के मीरापुर बसही अशोक पुरम कॉलोनी निवासी आदित्य गोस्वामी अत्यधिक गांजा और शराब का सेवन करता था। बीच में अपनी मां और परिवार के अन्य सदस्यों पर भी हमला किया था। मां प्रतिभा ने 27 दिसंबर को आदित्य को सारनाथ के जन सुधार नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था।

प्रतिभा ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार की सुबह 8 बजे जन सुधार नशा मुक्ति केंद्र से फोन आया कि आदित्य को हार्टअटैक आया है। हालत बहुत गंभीर है। दो घंटे बाद सूचना मिली कि आदित्य की मौत हो चुकी है।
विज्ञापन

परिजनों में मचा कोहराम

प्रतिभा ने केंद्र के कर्मचारियों पर आरोप लगाया कि आदित्य की पीट-पीटकर हत्या की गई। इसकी तहरीर भी सारनाथ थाने की पुलिस को दी। आदित्या के पिता सैनिक कल्याण विभाग में क्लर्क हैं। चाचा गोरखपुर के डीपीआरओ रह चुके हैं। पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार की देर रात मणिकर्णिका घाट पर आदित्य का अंतिम संस्कार किया गया।

सारनाथ थानाध्यक्ष पंकज कुमार त्रिपाठी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की असल वजह स्पष्ट हो सकेगी। नशा मुक्ति केंद्र के संचालक चंदौली निवासी युवराज सिंह है।
विज्ञापन

भगाने के प्रयास में आदित्य छत से कूदा : काउंसलर
केंद्र की काउंसलर पूजा मौर्या ने बताया कि आदित्य ने 29 दिसंबर को भागने का प्रयास किया था। वह सभी लोगों को कमरे में बंद कर छत से कूद गया जिससे उसे चोट लगी थी। उसका इलाज चल रहा था। सुबह साढ़े सात बजे नहाने के बाद बिस्तर पर सो गया। नाश्ते के लिए कर्मचारी त्रिभुवन सिंह पूछने गए तो आदित्य कुछ नहीं बोला। इसके बाद उसे मवइया के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें