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UP: लाइव कॉल से अरेस्ट हुए 7.11 लाख की ठगी के दो आरोपी, बनाई थी फर्जी वेबसाइट; शेयर ट्रेंडिग करते थे

Sun, 27 Jul 2025 05:14 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Cyber Crime: वाराणसी कमिश्नरेट की पुलिस ने साइबर क्राइम के दो शातिरों को गिरफ्तार किया है। ये लोग फर्जी वेबसाइट और एप बनाकर शेयर ट्रेंडिंग दिखा लोगों को ठगते थे। पुलिस ने लाइव कॉल कर इन अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है।
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शातिर की जानकारी देती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Varanasi News: फर्जी वेबसाइट और एप के जरिए आनलाइन ट्रेडिंग व निवेश के बहाने 7.11 लाख की साइबर ठगी में दो आरोपियों को साइबर क्राइम थाने की टीम ने गिरफ्तार किया। आरोपियों में मध्य प्रदेश सिहोर के जावर थाना क्षेत्र के भाटीखेड़ा निवासी रविंद्र सिंह उर्फ रवि ठाकुर और देवास के सोनकच थाना क्षेत्र के ताल्दी निवासी नितेश सिंह उर्फ नितेश सैंधव है।

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साइबर टीम ने मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में दबिश के दौरान ट्रेडिंग, शेयरिंग के नाम पर लाइव कॉल करते हुए गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से मोबाइल व नकदी आदि बरामद की गई है।

डीसीपी क्राइम सरवणन टी. ने बताया कि एडीसीपी क्राइम नीतू और एसीपी साइबर क्राइम विदुष सक्सेना के नेतृत्व में गठित टीम ने मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में दबिश दी। ट्रेडिंग, शेयरिंग के नाम पर लाइव काल करते हुए नितेश सिंह और रविंद्र ठाकुर को गिरफ्तार किया।

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पुलिस ने की कार्रवाई

साइबर अपराधियों द्वारा अपने साथियों के साथ मिलकर फारेक्स इन्वेस्टमेन्ट, एफ एक्ट ग्रो आदि विभिन्न नामों से फर्जी वेबसाइट बनवाकर देश के विभिन्न स्थानों के व्यक्तियों को उस वेबसाइट के माध्यम से ट्रेडिंग के नाम पर पैसा इन्वेस्ट कराते है, विभिन्न व्यक्तियों को फोन ट्रेडिंग करने के लिए फोन किया जाता है। उनको अधिक लाभ दिलाने का विश्वास दिलाया जाता है।

सबसे पहले उनकी यूजर आईडी वेबसाइट पर बनवायी जाती है और वेबसाइट पर फर्जी डीमैट एकाउंट भी खुलवाया जाता है और उसी वेबसाइट के माध्यम से बताए गए खातो में पैसा जमा करवाया जाता है। इन्वेस्ट किया गया पैसा वेबसाइट पर प्वाइंट, डिजिटल करेंसी के रुप दिखने लगता है। साथ ही अधिक प्राफिट भी दिखाई जाती है।

शुरुआत में छोटे छोटे एमाउंट इन्वेस्ट कराकर अधिक लाभ के साथ वापस उनके खाते में ट्रान्सफर कर दिया जाता है। इससे उस व्यक्ति को विश्वास हो जाता है कि यदि ज्यादा इन्वेस्ट करेंगें तो कम समय में ज्यादा लाभ मिलेगा।

ऐसे करते थे गेम

इस तरह से यह लोग आमजनमानस का लाखों रुपये इन्वेस्ट करा देते हैं और जब कोई व्यक्ति पैसा निकासी की बात करने लगता है तो ट्रेडिंग में घाटा व डीमैट खाता की धनराशि को बचाने के नाम पर व जीएसटी के नाम पर पुनः और पैसा डलवाया जाता है, फिर एकबारगी उनसे कनेक्टिविटी पूर्ण रुप से तोड़ देते है और फिर नये व्यक्ति से संपर्क स्थापित शुरू कर देते है।

गिरफ्तारी टीम में साइबर थाना निरीक्षक राकेश कुमार गौतम, एसआई संजीव कुमार कनौजिया, आलोक रंजन सिंह, एएसआई श्याम लाल गुप्ता, गोपाल चौहान, गणेश, पृथ्वी राज सिंह, मनीष कुमार सिंह, सूर्यभान सिंह, अवनीश सिंह, जतिन कुमार, रविन्द्र यादव, अनोज कुमार, पुनीता यादव, विजय कुमार रहे।

इन्होंने दर्ज कराया था केस
वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र के टकटकपुर अजय विहार कालोनी निवासी शैलेश अस्थाना ने साइबर क्राइम थाना में मुकदमा दर्ज कराया। आरोप लगाया कि फोरेक्स ग्लोबल इन्वेस्टमेंट कंपनी के वेबसाइट के माध्यम से ट्रेडिंग गतिविधियों को आयोजित कर लाभ दिखाकर अपनी वेवसाइट पर डीमैट खाता खोलवाकर उसमें घाटा दिखाकर व डीमैट खाता की धनराशि को बचाने के नाम पर व जीएसटी के नाम पर धोखे से 711000 रुपये विभिन्न खातों में धोखे से जमा करवाकर साइबर ठगी कर ली गई है।

साइबर जागरूकता जरूरी
डीसीपी क्राइम सरवणन टी. ने बताया कि ऑनलाइन ट्रेडिंग करते समय, आप अपने सभी ट्रेड में मास्टर होते हैं, इसका मतलब है कि ज़िम्मेदारी पूरी तरह से आप पर है, चाहे आप इक्विटी,फ्यूचर्स या ऑप्शन ट्रेड करते हैं, तो यह सुनिश्चित करने के लिए आप पर ज़िम्मेदार है कि ट्रेड सही तरीके से निष्पादित किए जाएं, ऑनलाइन ट्रेडिंग करते समय या अपने स्मार्ट फोन पर डाउनलोड किए गए ऐप के माध्यम से आपको कुछ गलतियों से बचना चाहिए।
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जानकारी वाली बात

  1. ट्रेडिंग केवल NSE/BSE पर ट्रेडिंग करें
  2. अपने ब्रोकर की वेबसाइट पर ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के पूरे डेमो के माध्यम से ट्रेडिंग शुरू न करें. इसमें कई विशेषताएं हो सकती हैं जो आपको पता नहीं है. एक डेमो आमतौर पर पूरी ट्रेडिंग प्रक्रिया को पूरी जानकारी देता है
  3. उच्च मूल्य वाले ट्रेड से शुरू न करें
  4. ऑनलाइन सुरक्षा पर ध्यान दें,आवश्यक एंटी-वायरस और एंटी-मालवेयर प्रोग्राम के बिना अपने PC/स्मार्टफोन पर ट्रेड करने की गलती न करें, अपने ट्रेडिंग अकाउंट के लिए आसान और स्पष्ट पासवर्ड न रखें, सबसे अधिक, साइबर कैफे के माध्यम से या एयरपोर्ट या मॉल में अनसेक्योर्ड वाई-फाई कनेक्शन के माध्यम से ट्रेडिंग अकाउंट को कभी भी एक्सेस न करें।
  5. सिंगल प्रमाणीकरण निष्पादित करने के लिए आसान लग सकता है, लेकिन हमेशा आपके ट्रेडिंग अकाउंट के लिए डबल प्रमाणीकरण (Two Step Verification) तो रेंडम कोड जनरेट या OTP या दूसरा लेवल पासवर्ड भी हो सकता है, इससे आप अपने ट्रेडिंग अकाउंट और ट्रांज़ैक्शन को दोगुना सुरक्षित कर सकेंगे
  6. हर दिन अपनी ऑर्डर बुक और ट्रेड बुक चेक करें और कॉन्ट्रैक्ट नोट के साथ क्रॉस चेक करें, यह सुनिश्चित करें कि शेयर T+2 पर आपके डीमैट अकाउंट में क्रेडिट हो जाएं और T+2 दिन पैसे आपके बैंक में आते हैं, एक बेसिक ऑडिट ट्रेल आपको विभिन्न प्रकार के ऑपरेशनल हिच से सुरक्षित करेगा।
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