उत्तर प्रदेश सरकार के स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्व मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने किसानों, खरीद एजेंसियों, भंडारण, फ्लोर मिलों, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और उपभोक्ताओं के बीच मजबूत समन्वय को समय की आवश्यकता बताया। डब्ल्यूपीपीएस के चेयरमैन अजय गोयल ने कहा कि गेहूं को केवल एक फसल नहीं बल्कि किसानों से लेकर उपभोक्ताओं तक फैली पूरी वैल्यू चेन के रूप में देखाजाना चाहिए।
विशेषज्ञों ने कहा कि बदलती उपभोक्ता मांग को देखते हुए पोषणयुक्त, सुरक्षित और उपयोग-विशेष आटे की मांग तेजी से बढ़ रही है। एंजाइम, इम्प्रूवर्स, फोर्टिफिकेशन, एआई आधारित ऑटोमेशन, डिजिटल ग्रेन कॉमर्स और स्मार्ट ऊर्जा समाधानों को उद्योग के भविष्य का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया। समापन नीति निर्माताओं, उद्योग, भंडारण, लॉजिस्टिक्स और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के सभी हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय के आह्वान के साथ हुआ।